भाजपा कार्यकारिणी बैठक में मप्र समेत देश के नौ चुनावी राज्यों की लीडरशिप का भी इम्तिहान रहा है। उन्हें चुनाव में पार्टी की जीत का रोडमैप और इसके लिए जरूरी तैयारी के बारे में हाइकमान को बताना था। पहले दिन सबसे ज्यादा चर्चा गुजरात में पार्टी की जीत के फॉर्मूले की रही।
बताया जाता है कि कार्यसमिति ने BJP व पीएम मोदी के खिलाफ निगेटिव कैम्पेन चलाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी चर्चा की तथा पेगासस, नोटबंदी, मनी लॉन्डिंग, राफेल और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमलावर रवैये से निपटने के तरीकों पर चर्चा व आकर तारीफ भी हुई। भाजपा नेताओं को कहा गया है कि विपक्ष के दबाव में न पूरी ताकत से निपटना है।
सूत्रों का कहना है कि दूसरे दिन चुनावी राज्यों की रणनीति में संशोधन के सुझाव दिए गए हैं तथा लीडरशिप ने बताया कि नए वोटरों को साथ लाने के लिए अब तक क्या किया गया। कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अब तक क्या किया गया और आगे क्या रणनीति है। हाइकमान यह भी पूछ रहा है कि यदि आज ही चुनाव हो जाएं तो वे पार्टी को कहां पा रहे हैं। यह भी पूछा जा सकता है कि किस चुनावी राज्य में कौन सा स्टार कैंपेनर जरूरी है।