भोपाल. मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए विवेक तन्खा ने राहुल गांधी व प्रियंका को भले लोग बताया है. उनका कहना है राजनीति में ऐसे लोग बहुत कम हैं, उनके खिलाफ केस लगाकर बीजेपी प्रताड़ित कर रही है. उन्हें सपोर्ट करने ही राज्यसभा जा रहा हूं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने ये बात कही. उनका यह भी कहना है कि ओबीसी आरक्षण मामले में हमने बीजेपी सरकार की घेराबंदी की है। जब कोर्ट में बीजेपी नेताओं का ट्रायल होगा, तब पता चलेगा कि कौन झूठ बोल रहा है?
तन्खा से जब सवाल किया गया कि आप G-23 के सदस्य रहे हैं, कपिल सिब्बल ने तो कांग्रेस छोड़ ही दी? इस पर उन्होने कहा कि मेरा कांग्रेस लीडरशिप पर विश्वास नहीं डिगा था। G-23 से मेरा संबंध हाईकमान को नीचा दिखाने के उद्देश्य से नहीं था। ऐसा मैं सपने में भी नहीं सोच सकता। जब राहुलजी ने इस्तीफा दिया था, तब मैंने भी अपना त्याग पत्र भेज दिया था। क्योंकि मैं उन्हीं के आग्रह पर कांग्रेस का लीगल हेड बना था। उनके ही अनुरोध पर मैं पालिटिक्स में आया था। राहुलजी के साथ ही सन 2014 में मेरी पॉलिटिक्स शुरू हुई थी। मैं लोकसभा का चुनाव लड़ना नहीं चाहता था, लेकिन राहुल गांधीजी के कहने पर ही मैं मैदान में उतरा था।
उन्होंने आगे कहा कि आज राजनीति में राहुल गांधीजी तथा प्रियंका जैसे भले लोग मिलेंगे नहीं। वर्तमान समय की राजनीति के लिए ये दोनों बहुत ही सभ्य हैं। उनके खिलाफ केस लगाए जा रहे हैं। उन्हें बीजेपी प्रताड़ना दे रही है। मैं उनकी मदद करूंगा। मैं दूसरी बार राज्यसभा भी में इसलिए जा रहा हूं ताकि उनको सपोर्ट कर सकूं।
ओबीसी आरक्षण को लेकर बीजेपी के इस आरोप पर कि कांग्रेस के कारण इस वर्ग के साथ अन्याय हुआ, तन्खा ने अहम बात कही. उन्होंने कहा कि इसमें अभी दो केस पैंडिंग हैं, एक सिविल और दूसरा क्रिमिनल केस। क्रिमिनल केस सीएम शिवराजजी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और भूपेंद्रसिंह के खिलाफ दायर किया है। जब भाजपा नेताओं को जब सजा होगी तब पता चलेगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ ?
इस मामले में खुद को विलेन बताए जाने पर उन्होंने कहा कि मैं तो इस वर्ग का वकील हूं। विवेक तन्खा ने आज तक ओबीसी वर्ग का कोई अहित नहीं किया है। ओबीसी वर्ग यह सब जानता भी है। भाजपा के कहने से कोई चीज नहीं बदल जाएगी। बीजेपी ने असंवैधानिक तरीके से पंचायत चुनाव कराने की कोशिश की थी इसी कारण कोर्ट में चुनौती दी गई। मैंने बीजेपी नेताओं पर 10 करोड़ का मानहानि का दावा किया है। ओबीसी को कोर्ट से जो राहत मिली है, वह मेरी पैरवी से ही मिली है।
मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में यूपी की तरह धार्मिक मुद्दे हावी रहने संबंधी सवाल पर विवेक तन्खा बोले— धर्म की राजनीति वे करते हैं, जो देश की समस्याओं व चुनौतियों को फेस नहीं कर पाते। वर्तमान में देश की चुनौती महंगाई, बेरोजगारी व असुरक्षा है। बीजेपी इस पर बात नहीं कर रही। वह 400 साल पुरानी बातें कर रही है। कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल धारा 370 को कश्मीर समझ बैठी जबकि कश्मीर की समस्या इससे भी बड़ी है। इसके लिए कश्मीर की हिस्ट्री, ज्योग्राफी और संवेदनशीलता को समझना होगा।