मध्यप्रदेश में मानसून 3 दिन बाद आ सकता है लेकिन इससे पहले प्री मानसून जमकर बरस रहा है। प्रदेश का 50% हिस्सा पिछले 24 घंटे में प्री-मानसून बौछारों से तर हो गया। हालांकि रविवार को ग्वालियर में सबसे ज्यादा तापमान 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, लेकिन बादलों ने राजधानी भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में लोगों को गर्मी से राहत दी। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक सोमवार को बादल छंटने से टेम्प्रेचर बढ़ेगा, लेकिन इससे लोकल सिस्टम भी बनेगा. इसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बरसात होगी. राज्य में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम समेत कई शहरों में सोमवार को दोपहर या शाम तक अच्छी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बरसात हो सकती है।

राज्य में पिछले साल मानसून की एंट्री अरब सागर और बंगाल की खाड़ी यानी दोनों शाखाओं से एक साथ हुई थी। इस बार बंगाल की खाड़ी शाखा ज्यादा एक्टिव नहीं हुई है। अरब सागर ब्रांच अधिक एक्टिव है जिससे मालवा-निमाड़ रीजन में प्री-मानसून एक्टिविटी ज्यादा तेज है। इसलिए इलाके में बहुत अच्छी बारिश हो रही है।

यही कारण है कि प्री-मानसून ने सबसे ज्यादा मालवा-निमाड़ को ही भिगोया है। मौसम विभाग में दर्ज आंकड़े के अनुसार बड़वानी के सेंधवा में सवा 3 इंच तक पानी गिर गया है। बड़वानी और उज्जैन के तराना और वेधाशाला, महिदपुर आदि में 2-2 इंच, अलीराजपुर के जोबट में डेढ़ इंच, झाबुआ के मेघनगर और पचमढ़ी में 1-1 इंच तक पानी गिरा है। खंडवा में एक दिन पहले सवा तीन इंच बारिश हुई थी। देवास, रतलाम,बैतूल, खरगोन, इंदौर, बुरहानपुर, विदिशा, भोपाल में बैरागढ़, छिंदवाड़ा, सिवनी, शहडोल, दमोह, सागर में बारिश हो चुकी है।

मध्यप्रदेश में मानसून अरब सागर ब्रांच के जरिए इंदौर संभाग से एंट्री ले सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 या 16 जून के आसपास मानसून मध्यप्रदेश में पहुंच सकता है।