राष्ट्रपति भवन में मौजूद मुगल गार्डन अब अमृत उद्यान के नाम से जाना जाएगा। आज़ादी के अमृत महोत्सव की थीम पर यह नाम बदला गया है। अब नई पहचान के साथ यह उद्यान 31 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा।
अमृत उद्यान का उद्घाटन रविवार यानी 29 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। इसके बाद 31 जनवरी से 26 मार्च तक यह उद्यान दो महीने के लिए आम जनता के लिए खुला रहेगा।
राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान में ब्रिटिश और मुगल दोनों के उद्यानों की झलक मिलती है। इसे बनाने के लिए एडविन लुटियंस ने पहले देश-दुनिया के उद्यानों का अध्ययन किया था। इस उद्यान में पौधारोपण में करीब एक साल का वक्त लगा था।
राष्ट्रपति भवन के अंदर 15 एकड़ में फैले अमृत उद्यान में 10 से अधिक गार्डन हैं। जिसमें गुलाब, विभिन्न फूल, सेंट्रल लॉन एंड लॉग, सर्कुलर, स्पिरिचवल, हर्बल (33 औषधीय पौधे), बोन्साई (ढाई सौ प्लांट), कैक्ट्स (80 वेरायटी) व नक्षत्र गार्डन (27 वेरायटी) शामिल हैं।
इसके अलावा यहां करीब 160 वेरायटी के पांच हजार पेड़ भी शामिल हैं। इसके अलावा नक्षत्र गार्डन भी है, लेकिन वहां आम लोग यहां पर फरवरी से लेकर मार्च में निर्धारित दिन तक ही घूमने जा सकते हैं। इसके बाद यहां का गेट बंद हो जाता है।