मुंबई युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के घर के बाहर पोस्टर लगाकर उन पर पहलवानों के प्रोटेस्ट में उनका साथ न देने का आरोप लगाया है। समर्थन नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुंबई युवा कांग्रेस ने सचिन से सवाल भी किए हैं। वोट विहीन भारत रत्न सचिन तेंदुलकर जी आप भारत के आंतरिक मामलों पर चुप क्यों हैं ?

सचिन से सवाल करते हुए मुंबई युवक कांग्रेस ने पोस्टर में लिखा है। आपने किसान आंदोलन पर बोलने वाली एक विदेशी महिला खिलाड़ी को खुशी का जवाब दिया कि आप हमारे घरेलू मसलों में नाक न अड़ाएं... और आज सचिन आपका देश प्रेम कहां चला गया? क्या आप पर सीबीआई जैसा कोई दबाव है... इन सबका छापा होगा इनकम टैक्स???

आप खेल जगत में भगवान पुरुष हैं... भारतरत्न भी हैं लेकिन जब खेल जगत की कुछ महिलाएं यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रही हैं लेकिन हमें आपमें कहीं भी मर्दानगी और इंसानियत नजर नहीं आती?

सोशल मीडिया पर ये पोस्टर जमकर वायरल हो रहा है।

आपको बता दें भारतीय पहलवान पहली बार 18 जनवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे। पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों से बात की और 21 जनवरी को हड़ताल वापस ले ली गई। बृजभूषण को कुश्ती संघ के कामकाज से निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया।

अप्रैल तक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जारी कर दी, लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। ऐसे में पहलवान एक बार फिर 23 अप्रैल को जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं. पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कीं। पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है।

पहलवान बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे और अपना विरोध जारी रखा। वहीं बृजभूषण खुद को बेकसूर बताते रहे। पहलवानों ने 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान मार्च करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने पहलवानों को हिरासत में ले लिया। जंतर-मंतर से उनका सामान हटा दिया गया और रात होने तक सभी पहलवानों को छोड़ दिया गया। कई पहलवानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।