आप सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, SEBI, केंद्रीय सतर्कता आयोग को एक चिट्ठी लिखी है। सांसद संजय सिंह ने मांग की है कि CBI और ED को अडानी ग्रुप पर लगे  के फाइनेंशियल फ्रॉड के आरोपों की जांच सौप दी जानी चाहिए साथ ही उनका पासपोर्ट भी ज़ब्त कर लिया जाना चाहिए।

संजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा है, माननीय प्रधानमंत्री जी अभी हाल ही में एक वेबसाइट

('हिंडेनबर्ग रिसर्च) द्वारा प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ, जिसमें भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट समूह अडानी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं। ये आरोप इतने गंभीर है कि 25 जनवरी से अब तक अडानी ग्रुप के संयुक्त बाजार मूल्यांकन में 24.17 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
 
इसके साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जो देश की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी है और जिसके पास अडानी ग्रुप के स्टॉक्स की एक बहुत बड़ी शेयर हॉल्डिंग है, उसे भी लगभग ₹16,580 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है।

हिँडेनबर्ग रिसर्च एक अमेरिको फर्म है जो दुनिया भर में अपनी खोजी रिपोर्ट के लिए जानी जाती है। अतीत में उनकी जांच के कारण कई कंपनियों के खिलाफ विदेशी एजेंसियां द्वारा धोखाधड़ी की जांच शुरू हुई और कई मामलों में सजा और जुर्माना भी हुआ। 

आपको बता दें, कि 'हिंडेनबर्ग रिसर्च' की रिपोर्ट से गौतम अडानी को 3 दिन में 65 अरब डॉलर का हुआ नुक़सान  हुआ है और अब वे टॉप 10 अमीरों की लिस्ट से बाहर  हो गए हैं। गौतम अडानी की संपत्ति तेजी से गिर रही है। पिछले कुछ दिनों में अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई है। शेयर बाजार में लिस्टेड ग्रुप की 7 कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। जिसमें अडानी पोर्ट्स, अडानी विल्मर, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी टोटल गैस जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की सूची के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अमीर लोगों की सूची में कोई भी भारतीय नहीं है।