संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जारी है। बुधवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर अडानी विवाद को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। खड़गे ने कहा एक व्यक्ति जिसकी संपत्ति ढ़ाई साल में 13 गुना बढ़ गई। 2014 में 50,000 करोड़ की थी वह 2019 में एक लाख करोड़ की हो गई। अचानक ऐसा क्या जादू हुआ कि दो साल में 12 लाख करोड़ बढ़ गई। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट तो है ही जिसे वे (BJP) नहीं मानते हैं।
उन्होंने आगे कहा, अनुसूचित जाति को तो हम हिंदू समझते हैं ना तब उन्हें मंदिर जाने से क्यों रोकते हैं अगर समझते हैं तो उन्हें बराबरी का स्थान क्यों नहीं देते। कई मंत्री दिखावे के लिए उनके घर जाकर खाना खाते हैं और तस्वीर खींचवा कर बताते हैं कि हमने उनके घर खाना खाया है।
कई सासंद-मंत्री सिर्फ हिंदू मुस्लिम करते हैं, क्या बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है। दूसरी तरफ कोई अनुसूचित जाति के लोग मंदिर जाते हैं तो उन्हें मारते हैं, उनकी सुनवाई नहीं होती है।
इस पर जवाब देते हुए सांसद पीयूष गोयल ने कहा, वे विदेश रिपोर्टों (हिंडनबर्ग रिपोर्ट) पर बातें कर रहे हैं, यह तो कांग्रेस का तारीका है। मैं स्पष्ट कहता हूं कि इनके खुद के नेता जिनके कहने के बगैर ये कुछ नहीं करते हैं उनकी संपत्ति ही देखें कि 2014 में इनके नेता की कितनी संपत्ति थी और आज कितनी है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) तब बैठती है जब आरोप सिद्ध हो जाए। जब सरकार पर आरोप लगता है तब संयुक्त संसदीय समिति बिठाई जाती है किसी निजी व्यक्ति के मुद्दे पर नहीं।