नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को करेंगे। राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटन न करने को लेकर विवाद जारी है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह से दूर रहने की घोषणा की है। विपक्षी नेता अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि राष्ट्रपति नए संसद भवन का उद्घाटन करें। विरोध, हंगामे और बहिष्कार के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है।

नई संसद पर क्या बोले सपा प्रमुख?

सपा अध्यक्ष ने आवश्यक लोकतांत्रिक परंपराओं को बढ़ावा देने और बनाए रखने के लिए नई संसद के उद्घाटन की मांग की है। सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग विपक्ष का अपमान करते हैं, नफरत की राजनीति करते हैं और जनता से झूठ बोलते हैं, उनके कार्यक्रमों में शामिल होने का क्या फायदा?

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री गोरखपुर पहुंचे थे। गोरखपुर में उन्होंने मालवीय नगर से पूर्व विधायक शारदा देवी के पति को श्रद्धांजलि दी। आपको बता दें कि विपक्षी दलों ने भाजपा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन में आमंत्रित नहीं करने और 'दरकिनार' करने का आरोप लगाया है। नए संसद भवन की आधारशिला पीएम मोदी ने रखी थी। निर्माण कार्य 10 दिसंबर 2020 को शुरू किया गया था। 1927 में बना पुराना संसद भवन लगभग 100 साल पुराना है।

पीएम मोदी 28 मई को उद्घाटन करेंगे

भारत की नई संसद को करीब 1200 करोड़ की लागत से तीन साल में तैयार किया गया है। संसद भवन में रखे जाने वाले राजदंड सेंगोल को लेकर भी विवाद है। मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ एसटी हसन ने वैदिक रीति से सेंगोल की स्थापना का विरोध किया है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर सेंगोल के संबंध में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी तमिलनाडु में राजनीतिक फायदे के लिए राजदंड का इस्तेमाल कर रहे हैं।