भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की पहलवानों की मांग को सरकार ने मान लिया है। सॉलिसिटर जनरल ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। इस बीच पहलवानों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाकर जेल भेज दिया जाए। शाम 4 बजे जंतर-मंतर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहलवानों ने साफ कर दिया है कि उनका धरना अभी खत्म नहीं होगा।

दरअसल अब तक माना जा रहा था कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पहलवान अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विनेश फोगाट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। बृजभूषण सिंह को सभी पदों से हटाया जाना चाहिए, वे अपने पद का दुरुपयोग कर सकते हैं। हमें किसी समिति या समिति के सदस्य पर भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल FIR की नहीं है। लड़ाई बृजभूषण सिंह को सजा दिलाने की है। बृजभूषण सिंह को जेल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी से नैतिक आधार पर बृजभूषण को सभी पदों से हटाने की अपील करती हूं। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। https://twitter.com/isabsetejkhabar/status/1651913579275354112?s=20

विनेश फोगाट ने कहा कि खिलाड़ियों से मेरी आज भी एक अपील है और पहले भी होती थी कि अगर खेल को बचाना है तो खेल को ऐसे लोगों के चंगुल से मुक्त कराना होगा। यह सिर्फ कुश्ती की बात नहीं है, यह हर खेल के बारे में है। सब चिंतित हैं। अगर भविष्य में देश में खेलों को बचाना है तो हमें साथ आना होगा।

बजरंग पूनिया ने धरना समाप्त नहीं करने की बात कहते हुए कहा कि हमारा धरना जारी रहेगा। पुनिया ने समर्थन करने वाले सभी खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि दो ओलंपियन ने हमारे लिए ट्वीट किया है, जो बड़ी बात है। बृजभूषण को जेल होनी चाहिए। संघ का अध्यक्ष शोषण करेगा तो कैसे चलेगा। हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है। देखते हैं पुलिस क्या करती है। पीएम से अपील है कि बृजभूषण को हर पद से हटाया जाए। वे पद का उपयोग कर सकते हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा।

इधर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगले शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कह रहे हैं। नाबालिग फरियादी की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने कमिश्नर से कहा कि धमकी का संज्ञान लेकर जांच करें और पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएं। कोर्ट ने कहा कि वह फिलहाल मामले की सुनवाई पर रोक नहीं लगाएगा। मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार को होगी।