कांग्रेस से बगावत कर अलग सियासी राह पकड़ने वाले गुलाम नबी आजाद की आत्मकथा आजाद का आज विमोचन हो रहा है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी आत्मकथा में राजनीति के कई ऐसे चैप्टर से पर्दा उठाया है, जिससे विवाद खड़ा हो सकता है।

कांग्रेस नेता डॉ कर्ण सिंह दिल्ली में इस पुस्तक का विमोचन कर रहे हैं और पत्रकार राजदीप सरदेसाई इस कार्यक्रम का संचालन करेंगे। खबरों के मुताबिक आजाद ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश पर भी खूब लिखा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस छोड़ने के वक्त से ही रमेश व आजाद में जमकर खुन्नस चल रही है। आजाद ने लिखा है कि जब गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में आर्टिकल 370 को हटाने की घोषणा की और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का निर्णय सुनाया तो विपक्ष के नेता धरने पर बैठे लेकिन इस प्रदर्शन में जयराम रमेश शामिल नहीं हुए। तब जयराम रमेश राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप थे।

आजाद अपनी किताब के पेज 251 में लिखा है कि जिस क्षण गृह मंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र के कदम की घोषणा की, मैंने अपना ईयरफोन बंद कर दिया और सीधे सदन के वेल में चला गया, मैंने पूरे विपक्ष को धरने में बैठने का आह्वान किया। सभी लोग प्रदर्शन करने आए, लेकिन रमेश नहीं आए।

मोदी उदार: आजाद ने मोदी को उदार बताते हुए कहा, विपक्ष के नेता के तौर पर मैंने उनका कई बार विरोध किया। मैंने उन्हें धारा 370, सीऐऐ और हिजाब के मुद्दे पर भी नहीं बख्शा, लेकिन मोदी ने कभी भी बदले की भावना नहीं रखी। ज्ञात हो कि आजाद ने गत वर्ष कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा की जगह कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालनी चाहिए।