पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा का विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं है। तीनों राज्यों में विपक्ष की गठबंधन राजनीति को जनता ने नकार दिया है। अब विपक्षी एकता का बड़ा चेहरा कही जा रहीं ममता बनर्जी ने भी बड़ा ऐलान कर डाला है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि तृणमूल कांग्रेस अगले साल लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। ममता के इस ऐलान के साथ ही सीपीआईएम और कांग्रेस पर भाजपा के साथ साठगांठ का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अगर अपवित्र गठबंधन होगा तो कांग्रेस भाजपा से कैसे लड़ेगी?
दरअसल बंगाल के सरदिघी उपचुनाव में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ तृणमूल से विधानसभा सीट छीन ली। इस हार को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस, वामपंथी और भाजपा सभी ने सरदिघी में सांप्रदायिक कार्ड खेला है। उन्होंने कहा कि यह एक सबक है कि हमें सीपीएम या कांग्रेस की बात नहीं माननी चाहिए, जो बीजेपी के साथ काम करते हैं। हम उनके साथ गठबंधन नहीं कर सकते हैं।
लोकसभा चुनावों को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि 2024 में हम तृणमूल और आम लोगों के बीच एक गठबंधन देखेंगे। हम किसी भी अन्य राजनीतिक दलों के साथ नहीं जाएंगे। हम लोगों के समर्थन से अकेले लड़ेंगे। ममता ने कहा कि जो लोग भाजपा को हराना चाहते हैं, मुझे विश्वास है कि वे हमें वोट देंगे।
सल 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल के नेता विपक्षी गठबंधन को लेकर उत्साहित थे लेकिन न केवल यह प्रयास विफल रहा, बल्कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में व्यापक पैठ बना कर 42 संसदीय सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल कर ली थी।