कर्नाटक के में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की मुश्किलें काम होती नज़र नहीं आ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शिवमोगा स्थित शिकारीपुर स्थित घर पर सोमवार को पथराव हुआ है। बंजारा समुदाय के सदस्यों द्वारा आरक्षण से संबंधित मुद्दे का विरोध करते हुए उनके घर पर ये हमला किया है। 

इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया। बंजारा समुदाय अनुसूचित जनजाति समुदाय में आंतरिक आरक्षण की मांग कर रहा है। समुदाय यहाँ अनुसूचित जातियों में आंतरिक आरक्षण पर ए जे सदाशिव पैनल आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए केंद्र की सिफारिश करने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध कर रहा था। 

शिकारीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर पथराव के बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने येदियुरप्पा और मुख्यमंत्री बसवराज बोमई की तस्वीरों वाले पोस्टर भी जलाए।

बंजारा समुदाय ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय को दिए गए आंतरिक आरक्षण पर आपत्ति जताई है। कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने शुक्रवार को एससी/एसटी समुदाय के लिए आंतरिक आरक्षण की घोषणा की। अनुसूचित जाति समुदाय को दिया गया 17 प्रतिशत आरक्षण आंतरिक रूप से वितरित किया गया था। इस फैसले के तहत एससी लेफ्ट को 6 फीसदी, एससी राइट को 5.5 फीसदी, स्पृश्यों को 4.5 फीसदी और अन्य को 1 फीसदी देने का फैसला किया गया।

राज्य सरकार का यह फैसला सदाशिव आयोग की सिफारिश के आधार पर लिया गया है, बंजारा समुदाय के प्रमुखों का कहना है कि सदाशिव आयोग की सिफारिश से उनके समुदाय को नुकसान होगा और राज्य सरकार ने केंद्र को जो सिफारिश भेजी है। इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।