कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का आंदोलन जारी है। दबाव के बाद भी भारतीय जनता पार्टी बृजभूषण सिंह को लेकर (BJP) चुप्पी साधे है। वहीं अब यह कहा जा रहा है कि बीजेपी के सख्त कदम उठाने पर ब्रजभूषण सिंह समाजवादी पार्टी के साथ जा सकते हैं।
यह दावा इस आधार पर किया जा रहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में पहलवानों के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया है और न ही खुलकर कुश्ती संघ अध्यक्ष की आलोचना की है। बीते दिनों बृजभूषण सिंह भी इस कारण अखिलेश की तारीफ कर चुके हैं।
ब्रजभूषण सिंह ने अहम बयान देते हुए कहा था कि अखिलेश जी सच जानते हैं. मुझे राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। मेरे खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों का सामाजिक दायरा किसी से छिपा नहीं है।
यही कारण बताया जा रहा है कि बीजेपी भी इस मामले में कोई बड़ा फैसला लेने से बच रही है। यह भी माना जा रहा है कि बृजभूषण सिंह का करीब 6 से 7 सीटों पर बड़ा प्रभाव है। इसलिए पार्टी ने इस पूरे मामले पर नजर बना रखी है। यह भी कहा जा रहा है कि सपा के पास दमदार ठाकुर नेता नहीं है, जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता हो।
बृजभूषण सिंह का सपा से पुराना नाता भी है। एक समय यूपीए के पक्ष में वोटिंग करने के कारण बृजभूषण सिंह को बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया था, जिसके बाद वह साल 2008 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। साल 2013 में वह एक बार फिर बीजेपी में वापस लौट आए थे।