प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भोपाल दौरे के बाद मप्र में भी बदलाव की चर्चा फिर सिर उठाने लगी हैं। ऊपरी तौर पर सभी नेता व पदाधिकारी बेहद खामोश हैं लेकिन अंदरखाने हलचलें हैं। जानकार बताते हैं कि भोपाल दौरे के मौके पर मोदी का कार्यकर्ताओं से करीब डेढ़ घंटे का संवाद मप्र समेत हर भाजपा सरकार के लिये कई बड़े संकेत समेटे हुए था। इसका विश्लेषण भी भाजपा के भीतर हो रहा है। फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर मोदी के दिल्ली रवाना होने से भी भाजपा में चर्चा का दौर है।
माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक भाजपा के केंद्रीय संगठन और मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बाद मप्र की बारी आएगी और इसमें शिवराज कैबिनेट में चेहरों को बदलने और जोड़ने की कवायद के साथ ही संगठन के चेहरों में भी बदलाव होंगे। सूत्र बताते हैं कि मोदी के आगमन से पहले ही अध्यक्ष जेपी न ने मप्र में संगठन व सत्ता के कामकाज और तालमेल आदि के बारे में नेताओं से बातचीत व बैठकों में पूरा 'अध्ययन' कर लिया था और इससे मोदी को भी अवगत करा दिया है।
चुनावी चिंता के बीच बाबा के एक बयान ने पलटी बाजी
छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा चुनाव से 5 महीने पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेकर मंत्री टीएस सिंहदेव का पदोत्रत करके उपमुख्यमंत्री बनाया है तो इसके पीछे भी महाराष्ट्र या मप्र जैसी कोई कहानी रिपीट होने की आशंका भी प्रमुख मानी जा रही है। दरअसल कल दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक में सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। यह गुटबाजी व नाराजगी खत्म करने की कोशिश भी है। क्योंकि सिंहदेव का एक बयान वायरल हुआ था। जिसमें वह कहते दिख रहे थे कि 2018 में हमने सरगुजा संभाग की 14 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
2023 के विधानसभा चुनाव में सभी 14 सीटों पर कांग्रेस की जीत पर संशय है। दरअसल सरगुजा सिंहदेव का गढ़ है। उन्होंने सरगुजा में कांग्रेस सम्मेलन में भी कहा था कि कई राजनीतिक दलों ने भाजपा का उनसे संपर्क किया। शीर्ष नेतृत्व भी उनसे संपर्क में था। इस मंच पर ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री फार्मूला का जिक्र भी उभरा था। बहरहाल बाबा के नाम से मशहूर सिंहदेव अब राज्य के पहले उपमुख्यमंत्री बन गये हैं।
बंगाल में महाराष्ट्र 2.0 ममता सरकार पर नया खतरा
पश्चिम बंगाल में क्या महाराष्ट्र 2.0 होने वाला है? यह संकेत विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दिया है। उनका दावा है कि भाजपा बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 36 पर जीत दर्ज करेगी और तृणमूल कांग्रेस सरकार तीन महीने बाद गिर जाएगी। तृणमूल से ही भाजपा में आये अधिकारी का यह बयान तब आया है जब दो दिन पहले ही तृणमूल प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि केंद्र में बीजेपी कार्यकाल का केवल छह ही बचा है।
अधिकारी ने पूर्व मेदिनीपुर में कहा कि 'पिछली बार भाजपा ने राज्य में 18 लोकसभा सीटें जीती थी। इस बार, हम कम से कम 36 सीटें जीतेंगे। मेरी बात लिख लीजिए, तीन महीने बाद टीएमसी सरकार नहीं रहेगी।' अधिकारी ने कहा कि जब तक मैं तृणमूल में था, मैं ममता का प्रचारक था। अब क्या होगा! इस बार हम तीन महीने में आपको अलविदा कह देंगे।... और भतीजे को हमारे पास छोड़ दो। चोरों को जेल भेजा जाएगा।' इस पर टीएमसी ने कहा कि भाजपा नेता हताश होकर ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं।