राजस्थान में आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कार्यकाल का पांचवा और अंतिम बजट पेश किया। बजट पेश करते समय एक बड़ी चूक हो गई। सीएम गहलोत करीब 8 मिनट तक पुराना बजट पढ़ते रहे। जब उन्हें टोका तब उन्हें पता चला कि वे पुराना बजट पढ़ रहे हैं।
राजस्थान के इतिहास में पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री का बजट भाषण तीस मिनट के लिए रोका गया। गलत बजट पढ़ने के बाद अब राजस्थान में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं सीएम गहलोत ने अपनी सफाई दी है। गहलोत का कहना है, कि भाजपा सिर्फ़ यह दिखाना चाहती है कि वह राजस्थान के विकास और तरक्की के खिलाफ है। इनका मन-गढ़ंत आरोप कि बजट लीक हो गया यह दर्शाता है कि बजट को भी यह अपनी ओछी राजनीति से नहीं छोड़ेंगे। 'बचत, राहत, बढ़त' में एक ही बाधा है - भाजपा।
उन्होंने कहा कि ये नई बात नहीं है जब वसुंधरा जी मुख्यमंत्री थी, कुछ आंकड़े गलत आ गए थे, उन्होंने भी संशोधन कराया था। मानव त्रुटि से एक पेज लग गया था, उसी वक्त मैंने अपने भाषण को रोका। उन्होंने कहा, जो कुछ हुआ उसके लिए सॉरी फील करता हूं।