भारत के दौरे से पर हाल में आये नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड अपने एक समझौते को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। भारत से दरअसल प्रचंड ने 15 मुर्रा नस्ल के भैंस देने की हामी भरी है। मुर्रा नस्ल की भैंसे ज्यादा दूध देती हैं। नेपाल इन्हें अपने यहां की भैंस की नस्ल को सुधारने के लिए भारत से आयात कर रहा है। मगर भारत और नेपाल के बीच नर मुर्रा भैंस की डील पर नेपाली संसद और सियासत में भारी बवाल चल रहा है। विपक्ष ने तो यहां तक कह दिया कि प्रचंड भारत से भैंस पर बैठकर वापस आए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली इसे लेकर प्रचंड पर हमलावर हैं। संसद में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता सिसिर खनल ने प्रचंड और पीएम मोदी के बीच भैंसों को लेकर हुई डील का मजाक उड़ाया है। 

खनल ने कहा कि पीएम प्रचंड भैंस पर बैठकर भारत से वापस लौटे हैं। जबकि हम चाहते थे कि हमारे प्रधानमंत्री हाल ही में उद्घाटन हुए पोखरा एयरपोर्ट पर उतरेंगे लेकिन दुर्भाग्य से वह भैंस पर बैठकर वापस लौटे हैं। ज्ञात हो कि नेपाल के भारत से बेहद करीब स्थित पोखरा एयरपोर्ट को चीन ने बनाया है। भारत सरकार के विरोध के बाद भी ओली सरकार ने यह डील ड्रैगन को दे दी थी। हालांकि भारत ने इस एयरपोर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रास्ता नहीं दिया है।

भड़के हुए हैं, पीएम प्रचंड

इस अनपेक्षित हमले के बाद प्रचंड की पार्टी के अन्य सांसद भी भड़के हुए हैं और संसद के रिकार्ड से भैंस वाले बयान को हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। हालांकि नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से 15 मुर्रा भैंसों का आयात ब्रीडिंग के उद्देश्य से किया जा रहा है। नेपाल इसके लिए पिछले 7 साल से भारत से गुहार लगा रहा था लेकिन अब जाकर यह समझौता हो पाया है।

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री और चीन के इशारे पर चलने वाले केपी ओली ने कहा है कि प्रचंड की भारत यात्रा असफल और अस्तव्यस्त साबित हुई। केवल एकमात्र उपलब्धि जिसका जिक्र किया जा सकता है कि भारत सरकार 12 भैंस देने के लिए तैयार हो गई है।