उप्र के कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के शूटर्स ने पुलिस पूछताछ में खुद को लारेंस विश्नाई का प्रशंसक बताया है। ज्ञात हो कि हत्याकांड के तीनों आरोपी, सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्या पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में एक आरोपी सनी सिंह ने बताया वह लॉरेंस बिश्नोई बनना चाहता था क्योंकि उसके नाम और काम से काफी प्रभावित था।

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने बीते दिनों कई बार लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू देखे थे। सनी ने बताया कि बिश्नोई को इंटरव्यू में हिंदुत्व की बातें करता देख वह काफी प्रभावित हुआ था। जांच में यह बात सामने आई है कि सिद्ध मूसेवाला के मर्डर के बाद से सनी लॉरेंस का फैन हो गया था। माना जा रहा है कि यह तीनों आरोपी कम समय में बड़ा नाम में कमाना चाहते थे। इनमें भी सनी सबसे खतरनाक है। वह बाकी दोनों आरोपियों को अपने साथ लाया था और हत्या की लिए प्रोत्साहित किया था।

12 लाख की रिवाल्वर कहां से आई

इन हत्यारों को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। क्योंकि इनकी पारिवाकि पृष्ठभूमि निम्न मध्यम वर्ग की है। अरुण मौर्य का घर तो अब तक टाट का है। कुछ यही हाल लवलेश तिवारी और सनी सिंह का भी है। किसी प्रकार परिवार का पेट भरने में जुटे परिवार के बीच ये हत्यारे यूपी के बड़े माफिया की हत्या के आरोपी बन चुके हैं। अभी तीनों को प्रतापगढ़ जेल में बंद किया गया है।

हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी की पूछताछ में कई राज बाहर आ सकते हैं। लेकिन, एक सवाल यहां यह उठ खड़ा हुआ है कि आखिर इन हत्यारों के पास आधुनिक हथियार आए कहां से सबसे अधिक सवाल जिगाना पिस्टल को लेकर हो रहा है। जिसकी कीमत 12 लाख के आसपास मानी जाती है।

गैंगस्टर की पसंद है जिगाना

कहा जाता है कि जिगाना पिस्टल केवल टॉप गैंगस्टर्स ही खरीद सकते हैं। यह सिर्फ शो-ऑफ की बात नहीं है। जिस तरह ये वेपन फायर करते हैं, गैंगस्टर्स शायद उससे खिंचे जाते हैं। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी का कहना है कि ये (जिगाना पिस्टल) जाम या लॉक नहीं होती और एक बार में 15-17 राउंड फायर कर सकती हैं, यानी पैसा वसूल हो जाता है।