गुजरात के पाटन में भजन कार्यक्रम में एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहां पर लोगों से एंट्री के टिकट की जगह पर रोटियां लाने की बात कही गई। यहां आने वाले लोग अपने साथ रोटियां लेकर आए तभी वे कार्यक्रम में एंट्री ले सके। देखते ही देखते मंच पर रोटियों का ढेर लग गया। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब सवाल ये भी है, कि रोटियों से एंट्री क्यों?
तो आइए इसका जवाब खोजते हैं।
पाटन में रोटालिया हनुमान मंदिर में गायक कीर्तिदान गढ़वी ने ये खास भजनों का कार्यक्रम आयोजित किया था। भजनों के इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को एंट्री पाने के लिए शर्त भी अनोखी ही थी। प्रवेश के लिए लोगों से टिकट के बदले रोटियां लाने को कहा गया।
रोटालिया हनुमान मंदिर के एक वर्ष पूरा होने पर, गायक कीर्तिदान गढ़वी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले 'लोक दयारो' नामक एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। गुजरात में ऐसे आयोजनों के दौरान पैसे की बारिश की जाती है, लेकिन यहां जो हुआ उसने सभी को दंग कर दिया। क्योंकि यहां कलाकार के सामने रोटी का ढेर लगा रखा था। https://twitter.com/KirtidanGadhvi/status/1648202617196281857?s=20
आमतौर पर मंदिरों में लोग सोना-चांदी या रुपए-पैसे का दान करते हैं और प्रसाद के रूप में पेड़ा, नारियल आदि ग्रहण करते हैं। लेकिन पाटन के रोटलिया हनुमान मंदिर में प्रसाद के रुप में हनुमानजी को 'रोटी' चढ़ाई जाती है।
रोटलिया हनुमान मंदिर के इस विशेष कार्यक्रम में केवल एक रोटली (मोटी रोटी) या 10 रोटली (पतली रोटी) लाने वालों को ही कार्यक्रम में जाने की अनुमति मिली। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशु अधिकार और कल्याणकारी लोगों ने भाग लिया और लोक दयारो शुरू होने के तुरंत बाद मंच रोटी से भर गया।
सभा और आयोजन का उद्देश्य स्ट्रीट डॉग्स और अन्य जानवरों के लिए भोजन एकत्र करना था। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।