केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भक्ति और आस्था के मामले में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद दिग्विजय सिंह के मुरीद हैं। इसका खुलासा खुद गडकरी ने अपने ही अंदाज में पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ में एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान किया। उन्होंने दिग्विजय के साथ मंच भी साझा किया तथा महाराष्ट्र के मंदिरों के शहर पंढरपुर की वार्षिक तीर्थयात्रा करने के लिए सिंह की तारीफ की। दरअसल, दिग्विजय हर साल आषाढ़ी एकादशी पर भगवान की पूजा करने के लिए पंढरपुर जाते हैं। पंढरपुर महाराष्ट्र का एक सुविख्यात तीर्थस्थान है।

भीमा नदी के तट पर बसा यह तीर्थस्थल सोलापुर जिले में स्थित है जहां भगवान विठ्ठल और देवी रुक्मिणी का प्रसिद्ध मंदिर है। उल्लेखनीय है कि गडकरी ने 2018 में दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था लेकिन बाद में जब सिंह ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया तो इसे वापस ले लिया। कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं में उनका नाम घसीटने के आरोप में गडकरी ने 2012 में सिंह के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था।

मुझे उस तरह का साहस नहीं: गडकरी और सिंह बीती शाम पिंपरी चिंचवाड़ में दिवंगत कांग्रेस नेता रामकृष्ण मोरे पर एक किताब का विमोचन करने के लिए एक मंच पर थे। पंढरपुर यात्रा की प्रशंसा करते हुए गडकरी ने सिंह से कहा- हालांकि मैं आपसे छोटा हूं, मुझे ( चलने के लिए) उस तरह का साहस नहीं मिलेगा, लेकिन आप तीर्थयात्रा के दौरान इतना पैदल चलते हैं... मैं आपको बधाई देता हूं और धन्यवाद देता हूं। सिंह ने भी कहा कि गडकरी को भी इसे आजमाना चाहिए ताकि वह नियमित रूप से इसमें भाग लेना शुरू कर दें।

मनभेद न रहें

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने राजनीतिक संस्कृति की सराहना की और कहा कि राज्य में भले ही अलग-अलग पार्टियां थीं, लेकिन उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं थी। उन्होंने कहा, मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभिन्नता ( रिश्ते में मतभेद ) नहीं होना चाहिए। गडकरी ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरों से पालकी मार्ग पर घास बिछाने को कहा है ताकि श्रध्दालुगर्म सड़क पर नंगे पैर चलने के बजाय उस पर चल सकें।

पंढरपुर का महत्व 

भगवान विठ्ठल स्वामी के भक्तों को वरकारी कहा जाता है। अषाढी एकादशी के अवसर पर संत कवियों ज्ञानेश्वर और तुकाराम की चरण पादुकाएं लेकर पंढरपुर जाते हैं। पंढरपुर को पंढारी के नाम से भी जाना जाता है। यहां भगवान विट्ठल का विश्व विख्यात मंदिर है भगवान विठ्ठल को हिंदू श्री कृष्ण का एक रूप मानते हैं। भगवान विठ्ठल विष्णु अवतार कहे जाते हैं।