हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयर पिछले 5 दिन से लगातार औंधे मुंह गिरता जा रहे हैं। अडानी ने अब तक 1 अरब डॉलर की संपत्ति गंवा दी है। इस बीच अडानी समूह के एलआईसी और एसबीआई के निवेश पर सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है।
वित्तमंत्री निर्मला सीता रमन ने अडानी समूह में एलआईसी के निवेश और एसबीआई द्वारा दिए गए ऋण पर प्रतिक्रिया दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अडानी समूह की कंपनियों में एसबीआई और एलआईसी का एक्सपोजर सीमित है।
एक न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि मैं कहना चाहूंगी कि एसबीआई और एलआईसी दोनों ने विस्तृत बयान जारी किया है। दोनों के अध्यक्ष और सीएमडी ने विस्तार से बताया है कि वे ओवरएक्सपोज्ड नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अडानी समूह में उनका जितना भी एक्सपोजर है, वह मुनाफे पर बैठे हैं और वैल्यूएशन में गिरावट के बाद भी ये प्रॉफिटेबल हैं।
बजट के दिन वित्त मंत्री ने कहा कि बजट पर शेयर बाजार को अच्छा एक्सपोजर मिला था। लेकिन जिस किसी भी वजह से बाजार गिरा, इसके बाद भी मुझे यकीन है कि बजट का शेयर बाजार पर अच्छा असर पड़ेगा।