लोकसभा चुनाव के लिये तैयारी में जुटे कांग्रेस, जदयू, राजद समेत अन्य विपक्षी दलों का जमावड़ा आज बेंगलुरू में है। यहां करीब 24 विपक्षी दलों के नेता जुटे हैं। इनकी पहली बैठक गत माह पटना में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मेजबानी में हुई थी। अब आज से शुरु हुई दो दिनी बैठक की मेजबानी कांग्रेस कर रही है। वहीं इस विपक्षी जुटान के जवाब में कल दिल्ली में भाजपा भी एनडीए के लगभग 17 दलों के साथ बैठक करने वाली है।

हालांकि बेंगलुरू बैठक में पहले दिन यानि आज राकांपा चीफ शरद पवार नहीं पहुंच रहे हैं, वे कल शामिल होंगे। पिछली एक दिनी बैठक में वे पटना गए थे। जानकारी के मुताबिक आज शरद पवार मुंबई में ही रहने वाले हैं। इसकी वजह यह है कि विपक्षी एकता के सबसे बड़े नेता पवार की ही पार्टी में ही बगावत हो गई है। उनके भतीजे अजित पवार अपने समर्थक विधायकों समेत बीजेपी के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री बन गये हैं। पवार आज मुंबई में अपने विधायकों से मुलाकात कर रहे हैं।

एनडीए ने नए साथियों को भी बुलाया

दूसरी तरफ विपक्ष की बैठक के जवाब में भाजपा ने कल एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक बुला ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी पुराने दलों को बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया है। बैठक में चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास ) ), उपेंद्र कुशवाहा (लोक समता पार्टी), जीतन राम मांझी (हिंदुस्तान अवाम मोर्चा ), संजय निषाद (निषाद पार्टी), अनुप्रिया पटेल (अपना दल ), पवन कल्याण (जनसेना ) के शामिल होने की चर्चा है।

बदलेगा यूपीए का नाम

इस बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन के नया नाम भी विचार सूची में है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम आदमी पार्टी सहित भाजपा विरोधी दलों के नए गठबंधन को अब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) नहीं कहा जाएगा नया नाम कल तक तय हो जायेगा।

यूपीए 2004 से 2014 तक दो कार्यकाल के लिए केंद्र में सत्ता में था और इसकी अध्यक्ष कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी थीं। अब इन भाजपा विरोधी दलों का न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनेगा। सीट बंटवारे पर चर्चा होगी। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन के लिए सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम और संचार बिंदुओं का मसौदा तैयार करने के लिए एक उप-समिति का गठन किया जाएगा।