दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट 10 मई को आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर सुनवाई करने वाली है। कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए शनिवार को यह फैसला सुनाया है। इसके साथ ही ED को 8 मई तक मामले से जुड़े सबूत जैसे सीडी, डीवीडी, पेन ड्राइव आदि कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया है।
ईडी की यह चौथी चार्जशीट
बता दें कि आबकारी घोटाला मामले में ED का यह चौथा सप्लीमेंट्री चार्जशीट है, जिसे दाखिल करते हुए ED ने कोर्ट को बताया कि आबकारी घोटाला मामले में आरोपी नंबर 29 मनीष सिसोदिया है। सिसोदिया के खिलाफ पूरक चार्जशीट 2100 पेज लंबी है। ED ने अदालत को यह भी बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया है कि मनीष सिसोदिया, जब वह आबकारी मंत्री थे, लगभग 622 करोड़ रुपये के अपराध (अपराध की आय) में शामिल थे। कोर्ट ने इन सभी सबूतों की सॉफ्ट कॉपी 8 मई तक जमा करने को कहा है।
पहली बार आरोपित
सूत्रों ने बताया कि ED ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहली बार सिसोदिया को आरोपी के तौर पर नामजद चार्जशीट दायर की है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में नौ मार्च को सिसोदिया को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था।
सिसोदिया फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें पहली बार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, जो आबकारी नीति से संबंधित एक कथित घोटाले की जांच कर रहा है। एजेंसी ने इस मामले में सिसोदिया को 'मुख्य साजिशकर्ता' बताया है। संघीय जांच एजेंसी ने मामले में अब तक सिसोदिया और 11 अन्य को गिरफ्तार किया है और कहा कि जांच अभी जारी है।