पिछले महीने अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की 'चपेट' में आये गौतम अडानी ग्रुप के हाल तो रोज सामने आते रहते हैं लेकिन अडानी ग्रुप पर पैसा लगाने वाली चर्चित कंपनियों में से ऐक भारतीय जीवन बीमा निगम की माली हालत पर कई तरह की कयासबाजी भी हैं। बाजार खुलते समय ग्रुप की अधिकतर कंपनियों के शेयर रेड जोन में थे। मगर ढेर सारे सरकारी बैंक और देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी का क्या हो रहा?
दरअसल एलआईसी ने अडानी ग्रुप की कंपनियों के 30,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के शेयर खरीद रखे हैं। देश में विपक्षी दल का आरोप है कि अडानी ग्रुप की कंपनियों में भारी निवेश की वजह से एलआईसी को भारी नुकसान हुआ है लेकिन कंपनी इस पर चुप्पी साधे हुए है। हालांकि, एक बार एलआईसी के चेयरमैन एम. आर. कुमार ने कहा था कि वह अडानी की कंपनियों में और निवेश नहीं करने जा रहे हैं।
उनका कहना था कि अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर बहुत कम समय में तेजी से गिरे हैं। ऐसे में शेयर बेच कर निकलने का फैसला नहीं हुआ है। हालांकि वे यह नहीं बता रहे हैं कि अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर के औंधे मुंह गिरने से एलआईसी को कितना नुकसान हुआ है। इसीलिये सवाल उठ रहे हैं कि क्या एलआईसी कुछ छुपा रही है?
अडानी का मार्केट कैप और सिमटा, मस्क फिर नंबर वन
देश के चर्चित अडानी कारोबारी समूह के शेयरों की रोज पिटाई जारी है। रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से शेयरों में बिकवाली का दबाव जबर्दस्त है। एक महीने में अडानी ग्रुप का मार्केट कैप रेकॉर्ड स्तर तक गिर चुका है। बाजार में अडानी ग्रुप की हिस्सेदारी भी कम हुई है। अडानी ग्रुप का मार्केट कैप 19.2 लाख करोड रुपये से लुढककर 6.8 लाख करोड रुपये तक कल गिर गया।
हिंडनबर्ग के आरोपों को हालांकि अडानी समूह ने खारिज कर दिया था, लेकिन एक्सचेंजों पर इसके शेयरों को लगातार नुकसान उठाना पड रहा है। बाजार मूल्य में कुल नुकसान करीब 150 अरब डॉलर हो चुका है। वहीं एलन मस्क क बार फिर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक 187 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ मस्क ने एक बार फिर अरबपतियों की सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।