उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। केदारनाथ धाम के पट खुलने के साथ ही इंदौर के युवाओं ने मध्यप्रदेश का डंका भी केदारधाम में बजा दिया है। जी हां कपाट खुलते ही इंदौर से आई चालीस सदस्यीय मंडली ने ढोल-नगाड़े बजाकर माहौल को भक्तमय कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इंदौर के युवाओं के साथ ढोल पर अपना हाथ आजमाया।

इंदौर के हनुमंत भगवान धवा के कलाकारों की इस प्रस्तुति को हर तरफ से तारीफ़ मिल रही है। इसका कारण है, कि दल के सदस्यों ने 11 हजार 700 फीट की ऊंचाई पर कड़ाके की ठंड के बीच बेहद कठिन परिस्थितियों में प्रस्तुति दी और उन्होंने शिव की स्तुति पर आधारित धुनों पर ढोल बजाए। अलावा इसके इंदौर से आए इन कलाकारों ने सबसे ज्यादा ढोल बजाने का रिकॉर्ड भी बनाया और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में भी अपना नाम दर्ज कराया। मंडली में 12 से 35 वर्ष की आयु के कलाकार शामिल थे।                                                                   https://twitter.com/mpnewstv/status/1651478392796053504?s=20

दल के प्रमुख शशांक सुरोश ने कहा कि हमने केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अनुमति मांगी थी। सरकार से अनुमति मिलने के बाद इंदौर से 40 कलाकार केदारनाथ पहुंचे। कैनोपी खुलने से पहले पूरी टीम माइनस 5 डिग्री और 6 फीट बर्फ में अपने परफॉर्मेंस के लिए तैयार हो थी।

इसके बाद जब केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए तो पूरा केदारनाथ धाम नगाड़ों की आवाज से गुंजायमान हो गया और ये प्रदर्शन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में दर्ज हो गया। सुरोश ने कहा कि पहली बार पूरी टीम ने कठिन परिस्थितियों में 25 किलो के ड्रम के साथ प्रदर्शन किया। टीम के कई सदस्यों को ऊंचाई के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हुईं लेकिन हमारी टीम ने अपना उत्साह नहीं खोया। उन्होंने बर्फबारी के बाद भी अपना प्रेजेंटेशन दिया।