प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत में राज्य शासन द्वारा की गई कार्रवाई को निरस्त कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट की अदालत में आज आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा अपने बेटी और दामाद के साथ पहुंचे थे. अदालत में शर्मा की दलीलों को सुना और राज्य शासन के पक्ष को भी सुना और इसके बाद शासन की कार्रवाई निरस्त कर दी है.

गौरतलब है कि पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ पत्नी को प्रताड़ित करने की शिकायत के आधार पर राज्य शासन न निलंबित कर दिया था. उनके खिलाफ वायरल हुए दो वीडियो साक्षी के रूप में आधार बनाए गए थे.

दो साल से मामला लंबित था

पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ राज्य शासन द्वारा 2 साल पहले कार्रवाई शुरू की गई थी और अब तक उनकी विभागीय जांच शुरू नहीं हो पाई है. राज्य शासन ने वायरल वीडियो के आधार पर निलंबित कर दिया था लेकिन कुछ समय पहले अदालत ने उनके निलंबन को समाप्त करने का आदेश दिया था . पुरुषोत्तम शर्मा के सुप्रीम कोर्ट के मामले में उनकी तरफ से सीनियर एडवोकेट निधीश गुप्ता और विनोद शुक्ला ने पैरवी की थी.