अतीक अहमद की मौत के बाद से ही उनके समर्थक खुलकर सामने आ रहे हैं और अतीक और उनके भाई अशरफ की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  ताज़ा मामले में जुम्मे की नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिम समुदाय का अतीक अहमद के समर्थन में नारे लगाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

मामला बिहार की राजधानी पटना का बताया जा रहा है। पटना जंक्शन स्थित जामा मस्जिद के बाहर मुस्लिम सम्प्रदाय के लोगों ने जमकर नारेबाजी की-"शहीद अतीक अहमद अमर रहे, मोदी-योगी मुर्दाबाद"।

यह स्पष्ट नहीं है कि मारे गए गैंगस्टर-राजनेता के साथ इन लोगों का कोई सीधा संबंध है या नहीं। इन लोगों ने उन्हें "शहीद" कहकर संबोधित किया और उन्हें "हीरो" करार दिया। मुस्लिम त्योहार को देखते हुए शहर की विभिन्न मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इसके बाद मीडिया से बात करते हुए रईस गजनवी नाम के एक शख्स ने कहा आज हमने ये इवादत की है, कि या अल्लाह अतीक अहमद, अशरफ अहमद और असद अहमद की शहादत कबूल फरमाएं। https://twitter.com/BiharTakChannel/status/1649364680442523651?s=20

शख्स का आगे कहना था कि उन्हे पूरी तरह से प्लान करके मारा गया है। योगी सरकार ने उनको प्लान्ड वे में मरवाया है। कोर्ट, मीडिया, सरकार और पुलिस सबका हाथ है उसको मरवाने में।

रोज़े के दिनों में अपराधियों के ज़रिए योगी सरकार ने उसे मरवाया वो शहीद है पूरी दुनिया के मुसलमानों की नज़रों में वो शहीद है।

ये पूछे जाने पर कि अतीक ने भी गलत काम किया है, शख्स का कहना थाकि गलत काम किया है, तो कोर्ट है। कोर्ट और पुलिस भी अतीक की हत्या के लिए जिम्मेवार हैं, वो कोर्ट की रिमांड पर था। अतीक की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी पुलिस पर थी।

कोर्ट की ओर से उन्हें सज़ा होती। फिर चाहे उन्हें फांसी पर भी चढ़ा दिया जाता तो हम कुछ नहीं कहते लेकिन जिस तरह से उनकी हत्या की गई है ये ठीक नहीं हैं।

अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को शनिवार की रात मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों के रूप में आए तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिसकर्मी उन्हें प्रयागराज के एक मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए ले जा रहे थे।