राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर विपक्ष ने निशाना साधा है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी द्वारा कही गई बातें समाज में एकता रखने के लिए बेहद जरुरी हैं, लेकिन समाज तोड़ने का काम कौन कर रहा है? आपके लोग ही कर रहे हैं। तो सबसे पहले आप यह बात जो लोग सत्ता में बैठे हैं उन्हें समझाइए।

दरअसल, भागवत ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि योग्यता एक है, ऊंच-नीच नहीं है, शास्त्रों के आधार पर कुछ पंडित जो बताते हैं, वो झूठ है। जाति की श्रेष्ठता की कल्पना में ऊंच-नीच में अटक कर हम गुमराह हो गए, भ्रम दूर करना है। वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी आरएसएस प्रमुख की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया, जिसमें लोगों से नौकरियों के पीछे नहीं भागने की अपील की गई थी।

उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर साल दो करोड़ नौकरियों के वादे का क्या हुआ? इससे पहले भागवत ने कहा था कि श्रम के लिए सम्मान की कमी देश में बेरोजगारी के मुख्य कारणों में से एक है।