प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशवासियों को मोदी पर जो भरोसा है वो विपक्ष की समझ से बाहर है। आज केंद्र में स्थायी और फैसले लेने वाली सरकार है। एक निर्णायक और पूर्ण बहुमत से चलने वाली सरकार है। ये वो सरकार है, जो रिफॉर्म कर रही है। हम इससे पीछे हटने वाले नहीं है, चलते रहेंगे। देश को जो चाहिए वो देते रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कई बार सुना है, यहां के कुछ लोगों को हार्वर्ड का बड़ा क्रेज है। कोरोना काल में भी यही कहा गया और कांग्रेस ने कहा कि हार्वर्ड में भारत की बर्बादी पर केस स्टडी होगी और फिर कल सदन में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन पर चर्चा हुई, लेकिन पिछले वर्षों में एक बहुत अच्छा और महत्वपूर्ण अध्ययन हुआ। उनका विषय था - भारतीय कांग्रेस पार्टी का उत्थान और पतन। मुझे विश्वास है कि भविष्य में कांग्रेस की बर्बादी को बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में पढ़ना पड़ेगा न कि हार्वर्ड में। और कांग्रेस को डुबाने वालों का भी अध्ययन किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने नौ साल का समय देखा है। उनका दिवालियापन देखा है। रचनात्मक आलोचना का स्थान जबरन आलोचना ने ले लिया है। उनकी आवाज में कई लोगों ने अपनी-अपनी आवाज मिलाई है- मिले तेरा मेरा सुर। इससे वे एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर नहीं आए हैं, लेकिन इन लोगों को ईडी का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि ईडी ने ही इन लोगों को एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर लाया है। ईडी ने वह किया जो देश के मतदाता नहीं कर सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में करीब तीन दशक से राजनीतिक अस्थिरता है। आज हमारे पास एक स्थिर और निर्णायक सरकार है। एक निर्णायक सरकार हमेशा देश के हित में निर्णय लेने का साहस रखती है... पिछले 9 वर्षों में 90,000 स्टार्टअप सामने आए हैं। स्टार्टअप में हम दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं। पीएम मोदी ने यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटाले की याद दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन यूपीए सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि हम सभी को याद है कि उस समय राष्ट्रमंडल खेलों में किस तरह कांड हुआ था। उन्होंने कहा कि कैसे 2जी से हेलीकॉप्टर घोटाला सामने आया। फिर कोयला घोटाला भी सामने आया। देश पर कई आतंकवादी हमले हुए। 2008 के आतंकी हमले को कोई नहीं भूल सकता। उनमें आमने-सामने वार करने की क्षमता नहीं थी। आतंकियों का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा था। 10 साल तक खून बहता रहा। 2014 से पहले के दशक को खोये हुए दशक के रूप में जाना जाना चाहिए। यह दशक भारत का दशक कहा जाएगा। कुछ निराशावादी इस देश की प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि भारत में नई संभावनाएं है। इसे महसूस करने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सप्लाई चेन के मामले में भारत काफी आगे निकल चुका है। भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देख रही है। निराशा में डूबे कुछ लोग इस देश की प्रगति को स्वीकार नहीं कर सकते। इन्हें 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत और मेहनत दिखाई नहीं देती।