प्रधानमंत्री का पद देश के प्रमुख पदों में शामिल हैं. ऐसे में उन पर तमाम तरह के जोखिम होते हैं. उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर हर दिन करीब 1.18 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी बजट 2023-24 पर नजर डालें तो ख़ास लोगों की सुरक्षा के बजट में भी इजाफा हुआ है. वीआईपी सुरक्षा के लिए जारी बजट में यह झलकता है. 

वित्तीय वर्ष 2023-24 पर नजर डालें तो वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों में प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी एसपीजी (SPG) के लिए सबसे ज्यादा बजट बढ़ाया गया है. इसके बाद नंबर आता है सीआरपीएफ (CRPF) का, जो कई अहम लोगों को जेड प्लस (z plus) और जेड (z) श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराता है. जेड प्लस सुरक्षा में करीब पचास जवान और जेड सुरक्षा में करीब चालीस जवान एक वीआईपी (VIP) की सुरक्षा में हमेशा तैनात रहते हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जेड प्लस (z plus) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. सरकार उनकी सुरक्षा पर प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख रुपये खर्च कर रही है, जो लगभग 50 लाख रुपये प्रति माह है. हालांकि, राहुल गांधी अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन पर इतना खर्च किया जा रहा है. सीआरपीएफ  (CRPF) विभिन्न श्रेणियों में कुल 129 लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है. बल महत्वपूर्ण लोगों को जेड  (z) और जेड प्लस (z plus) श्रृंखला की अधिकतम सुरक्षा प्रदान करता है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सीआरपीएफ फिलहाल 21 लोगों को जेड प्लस श्रेणी और 26 लोगों को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 'सीआरपीएफ में फिलहाल वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी 6 बटालियन हैं. यानी करीब 6000 जवान और उनका सारा खर्च वीआईपी सुरक्षा की श्रेणी से आता है. 

वित्त मंत्रालय ने इस साल इसी सत्र में सीआरपीएफ के लिए 31,772 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है. इसमें से अधिकारियों की मानें तो 774 करोड़ रुपये से ज्यादा वीआईपी सुरक्षा के लिए दिए गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, सीआरपीएफ (CRPF) के बाद सीआईएसएफ (CISF) में सबसे ज्यादा जेड श्रेणी के सुरक्षाकर्मी हैं. 

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में CISF 144 लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें से 9 Z+ में हैं और 11 Z श्रेणी में हैं. इसके बाद आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (ssb) और एनएसजी (N.S.G) करीब 70 लोगों को जेड प्लस और जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराती है. अधिकारी ने आगे बताया कि सुरक्षा में खर्च राशी 'जेड प्लस की औसतन 50 लाख रुपये और जेड की करीब 40 लाख रुपये प्रति माह है'.

इस साल के बजट में एसपीजी (SPG) के लिए 433 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. पिछले साल एसपीजी का बजट 411 करोड़ था. यहां यह बताना भी जरूरी है कि एसपीजी अब केवल प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराती है, मतलब सरकार प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हर महीने 36 करोड़ रुपए खर्च करती है. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि वह देश के मुख्य पद पर हैं. इसलिए उन पर तमाम तरह के जोखिम होते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था पर हर दिन 1.18 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं.