NIA ने जुलाई 2022 के 'ग़ज़वा-ए-हिंद' मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए 3 राज्यों में 8 संदिग्धों के घरों पर छापे मारे और तलाशी ली। NIA ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर समेत महाराष्ट्र में 4 स्थान और और गुजरात के वलसाड, सूरत और बोटाड में छापेमारी की। इस दौरान डिजिटल उपकरणों (मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड) और दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।
जुलाई 2022 में थाना फुलवारी शरीफ में पाकिस्तान से संचालित और नियंत्रित गजवा-ए-हिंद मॉड्यूल के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एक पाकिस्तानी नागरिक द्वारा शुरू किए गए व्हाट्सएप ग्रुप 'गज़वा-ए-हिंद' के एडमिन मरघूब अहमद दानिश को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
मरघूब ने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और बीआईपी मैसेंजर सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'गजवा-ए-हिंद' समूह बनाए थे। उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था, जिसका शीर्षक -'BDGhazwa E HindBD' था।
मरघूब ने इन समूहों में भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और यमन के कई लोगों को जोड़ा था। मॉड्यूल का उद्देश्य प्रभावशाली भारतीय युवाओं को भारत की विजय के अंतिम उद्देश्य-'ग़ज़वा-ए-हिंद' के साथ कट्टरपंथी बनाना था। इस समूह के सदस्यों को आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 'स्लीपर सेल' में बदलने के उद्देश्य से कट्टरपंथी बनाया जा रहा था।