राष्ट्रीय पंचायती दिवस के मौके पर पीएम मोदी रीवा पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने रीवा में समारोह में नन्हें कलाकारों द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश देती "धरती कहे पुकार" नृत्य नाटिका के कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने रीवा में आयोजित राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का लोकार्पण किया।

इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रीवा की इस ऐतिहासिक धरती से मां विंध्यवासिनी को प्रणाम करता हूँ। ये धरती शूरवीरों की है, देश के लिए मर मिटने वालों की है। मैं अनगिनत बार रीवा आया हूँ और हमेशा आपका भरपूर स्नेह मिलता है। मैं आप सभी का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हम सभी जनता के प्रतिनिधि लोकतंत्र के लिए समर्पित हैं। काम के दायरे भले ही अलग हों, लेकिन लक्ष्य एक ही है जनसेवा से राष्ट्र सेवा। गांव, गरीब का जीवन आसान करने के लिए केन्द्र सरकार की योजनाओं को पंचायतें पूरी निष्ठा से जमीन पर उतार रही हैं।

पीएम ने गे कहा, आप सभी को, देश की 2.5 लाख से अधिक पंचायतों को 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज आपके साथ 30 लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधि भी हमारे साथ वर्चुअली जुड़े हुए हैं। ये निश्चित रूप से भारत के लोकतंत्र की बहुत ही सशक्त तस्वीर है। आजादी के इस अमृतकाल में हम सभी देशवासियों ने विकसित भारत का सपना देखा है और उसे पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। भारत को विकसित बनाने के लिए भारत के गांवों की सामाजिक व्यवस्था को विकसित करना जरूरी है। https://twitter.com/narendramodi/status/1650398289156796416?s=20

भारत को विकसित बनाने के लिए भारत के गांवों की आर्थिक व्यवस्था को विकसित करना जरूरी है। भारत को विकसित बनाने के लिए भारत के गांवों की पंचायती व्यवस्था को भी विकसित करना जरूरी है। 2014 से पहले के 10 वर्षों में केंद्र सरकार की मदद से 6,000 के आस पास ही पंचायत भवन बनवाए गए थे। पूरे देश में करीब-करीब 6,000 पंचायत घर ही बने थे। हमारी सरकार 8 वर्ष के अंदर-अंदर ही 30 हजार से ज्यादा नई पंचायतों का निर्माण करवा चुकी है।
पहले की सरकार ने 70 से भी कम ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा। ये हमारी सरकार है, जो देश की 2 लाख से भी ज्यादा पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर ले गई है। फर्क साफ है- आजादी के बाद की सरकारों ने भारत की पंचायती राज व्यवस्था को ध्वस्त किया। जो व्यवस्था सैकड़ों वर्ष, हजारों वर्ष पहले से थी, उसी पंचायती राज व्यवस्था पर आजादी के बाद भरोसा ही नहीं किया गया।

2014 के बाद से, देश ने अपनी पंचायतों के सशक्तिकरण का बीड़ा उठाया है और आज इसके परिणाम नजर आ रहे हैं। आज भारत की पंचायतें, गांवों के विकास की प्राणवायु बनकर उभर रही हैं। डिजिटल क्रांति के इस दौर में अब पंचायतों को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। आज ई-ग्राम स्वराज-GeM इंटीग्रेटेड पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। इससे पंचायतों के माध्यम से होने वाली खरीद की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।

हमारे यहां गांव के घरों के प्रॉपर्टी के कागजों को लेकर बहुत उलझनें रही हैं। इसके चलते भांति-भांति के विवाद होते हैं, अवैध कब्ज़ों की आशंका होती है। 'पीएम स्वामित्व योजना' से अब ये सारी स्थितियां बदल रही हैं। 

कांग्रेस परह निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद जिस दल ने सबसे ज्यादा समय तक सरकार चलाई, उसने ही हमारे गांवों का भरोसा तोड़ दिया। देश के गांवों को जब बैंकों की ताकत मिली है, तो खेती-किसानी से लेकर व्यापार कारोबार तक, सब में गांव के लोगों की मदद हो रही है। हमने जनधन योजना चलाकर गांव के 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुलवाए।

पहले की सरकारें गांव के लिए पैसे खर्च करने से बचती थी, क्योंकि गांव अपने आप में कोई वोट बैंक तो था ही नहीं... इसलिए उन्हें नजरअंदाज किया जाता था। गांव के लोगों को बांटकर कई राजनीतिक दल अपनी दुकान चला रहे थे। पंचायतों द्वारा खेती से जुड़ी नई व्यवस्थाओं को लेकर भी जागरुकता अभियान चलाने की ज़रूरत है। प्राकृतिक खेती को लेकर आज देश में बहुत व्यापक स्तर पर काम चल रहा है। मेरा आग्रह है कि हमारी पंचायतें, प्राकृतिक खेती को लेकर जनजागरण अभियान चलाए।

अलावा इसके पीएम मोदी ने रीवा में 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2023' के मौके पर अमृत सरोवर और स्वामित्व योजना समेत कई विकास परियोजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पीएम मोदी ने रीवा में आयोजित #राष्ट्रीयपंचायतीराज_दिवस समारोह अंतर्गत विंध्य अंचल को ₹7853 करोड़ की समूह जल प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा समावेशी विकास के अंतर्गत नौ अभियानों का सामूहिक शुभारंभ किया।