सिविल सर्विस डे के मौके पर पीएम मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्वेंट्स को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि देश में आजादी का अमृतकाल दिवस चल रहा है, मैं ही नहीं पूरी दुनिया कह रही है कि भारत का समय आ गया है। हम ऐसे समय में नौकरशाही को मजबूत करना चाहते हैं।
मैं आज भारत के प्रत्येक सिविल सेवा अधिकारी से यही कहूंगा कि आप बहुत भाग्यशाली हैं। इस कालखंड में आपको देश की सेवा करने का अवसर मिला है... हमारे पास समय कम है लेकिन क्षमता ज्यादा है, लक्ष्य कठिन है लेकिन हौसला कम नहीं है, पहाड़ की तरह चढ़ना है लेकिन इरादे हैं आसमान के ऊपर..। https://twitter.com/narendramodi/status/1649295353944875008?s=20
पिछले 9 वर्षों में, देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी यदि सुशासन का भरोसा मिला है, तो यह आपकी मेहनत के कारण है। यदि पिछले 9 वर्षों में भारत के विकास को एक नई गति मिली है, तो यह भी आपके सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकता था। कोरोना संकट के बावजूद आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल 15 अगस्त को उन्होंने लाल किले से 'पांच प्राणों' का आह्वान किया था। विकसित भारत का निर्माण, गुलामी के सभी विचारों से मुक्ति, भारत की विरासत पर गर्व की भावना, देश की एकता और एकता को निरंतर मजबूत करना और अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखना यही महान उद्देश्य होना चाहिए। इन पांच प्राणों की प्रेरणा से जो ऊर्जा पैदा होगी, वह हमारे देश को वह ऊंचाई देगी, जिसका वह हमेशा हकदार है।
पीएम ने कहा कि आज देश और आप सभी के प्रयासों से व्यवस्था बदली है और देश का करीब 3 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचा है। इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आज यही पैसा गरीबों के काम आ रहा है, उनका जीवन आसान बना रहा है। आज चुनौती यह नहीं है कि आप कितने कुशल हैं, चुनौती यह तय कर रही है कि कमियों को कैसे दूर किया जाए।