हाल में दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे करोडों की कीमत वाले बिस्किट को बरामद किया है कि वह खुद भी इसकी कीमत और उपयोग से हैरान है। यह बिस्किट अफरिकन देश से यहां आ रहा था और दिल्ली वाले इसका सेवन कर रहे थे। दरअसल यह बिस्किट एक खतरनाक ड्रग है। कई साल पहले आई हॉलीवुड फिल्म वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट में मुख्य भूमिका निभाने वाला अभिनेता जिस ड्रग का सेवन करता बताया गया है वह ही डिस्को बिस्किट कहलाता है।

फिल्मों से कई बार अच्छी तो कभी उसमें दिखाई जाने वाली बुरी चीजों को अपना लेने का खतरा रहता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले अफ्रीकी मूल के नौजवानों ने इस हॉलीवुड फिल्म में उपयोग में लाए ड्रग को ही अपना कमाई का जरिया बना लिया। पोल तब खुली जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस ड्रग की कीमत 60 करोड़ बताई है। इसका नाम सुनने के बाद जरूर लगता है कि यह डिस्को लाइट की तरह दिखती होगी या खाने से लोग डिस्को करने लगते होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है।

बताया जाता है कि इस ड्रग को ग्रेटर नोएडा के एक महंगे इलाके में रखा गया था। वहां से लाकर इसे दिल्ली में बेचा जाता था। स्पेशल कमिश्नर धालीवाल ने बताया कि अब तक तीन तस्करों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। ड्रग तस्करों का मालिक पश्चिम अफ्रीकन देश का है। धालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोग पिछले 2 साल से यह धंधा कर रहे थे। आरोपी भारत में बिना किसी वैध ट्रेवल दस्तावेजों के रह रहे थे।

भारत में प्रतिबंधित है......

डिस्को बिस्किट का असली नाम मेथाक्यूलोन है। यह ड्रग मशहूर हॉलीवुड फिल्म से ही चर्चा में आई थी तथा यह ड्रग भारत में बैन है। अगर इसका सेवन, खरीद बिक्री करते कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ नार्कोटिक्स ड्रग और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। अमेरिका में इसे साल 1983 में मार्केट से हटा लिया गया था और इसे साल 1984 में शेड्यूल 1 ड्रग की श्रेणी में रखा गया है।

पुलिस ने पहले तो इन तीन में से एक आरोपी को 4 मार्च को पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर बाकी पकडे गये। उसने बताया था कि वह ड्रग की खेप के साथ धौला कुंआ के पास स्थित पेट्रोल पंप पर आएगा। जब पुलिस ने उसे तय लोकेशन पर पकड़ा तो उसने सारे राज खोल दिए। उसने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर में चलाए जा रहे ड्रग कार्टेल का सदस्य है।