लालू प्रसाद यादव पर 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जमीन बेचने के बदले या जमीन उपहार में देने के एबज में रेलवे में नौकरी देने का आरोप है।
मामले को लेकर लालू यादव से पूछताछ कर रही CBI की एक टीम ने आज (7 मार्च) को इसी संबंध में लालू यादव से उनके दिल्ली स्थित आवास पर पूछताछ की। करीब ढाई घंटे तक लालू यादव से सवाल-जवाब किए गए। मामले को लेकर CBI ने सोमवार को उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पटना में पूछताछ की थी। ये पूछताछ करीब 4 घंटे तक चली थी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले के सभी आरोपियों को समन भी जारी किया है।
CBI ने सोमवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पटना स्थित उनके आवास पर पूछताछ की। इस संबंध में CBI अधिकारियों ने बताया कि राबड़ी देवी के घर पर न तो तलाशी ली गई और न ही छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि CBI ने राबड़ी देवी को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने सोमवार को उपलब्ध होने को कहा और जांच एजेंसी की एक टीम उनसे पूछताछ करने उनके घर गई।
CBI ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है। विशेष अदालत ने लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों सहित अन्य आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच एजेंसी ने कथित घोटाले की जांच को खुला रखा है और मामले की आगे की जांच के तहत लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की टीम इस संबंध में लालू यादव के परिवार से कुछ और दस्तावेज भी मांग सकती है।
गौरतलब है, कि ये मामला लालू प्रसाद के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके परिवार को जमीन उपहार में देने या बेचने के एवज में कथित 'ग्रुप-डी' की नौकरी से जुड़ा है। FIR में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को 2004-2009 के दौरान मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त किया गया था और बदले में उन्होंने अपनी ज़मीनें लालू यादव और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम कर दी थीं। बाद में इस कंपनी का स्वामित्व लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों ने ले लिया।
आरोप ये भी हैं कि पटना में लालू प्रसाद के परिवार वालों ने पांच बिक्री सौदों, दो उपहार सौदों के जरिए लोगों से 1,05,292 वर्ग फुट जमीन ली थी। इसके लिए वेंडरों से नकद भुगतान करने को कहा गया। वर्तमान सर्किल रेट पर इस भूमि की कीमत; 4.32 करोड़ है, लेकिन जमीन लालू प्रसाद के परिवार को उससे बहुत कम क़ीमत में बेची गई थी।