केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज न सिर्फ राहुल गांधी बल्कि कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी, दुर्भाग्य से हर समय एक नए निचले स्तर पर जा रही है. यह 'राजनीतिक रूप से प्रासंगिक' बने रहने के लिए हर संभव कोशिश है. उनकी एक स्वार्थी लड़ाई है, और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
राहुल की संसद सदस्यता जाने पर सिंधिया बोले, कांग्रेस द्वारा राहुल जी को एक विशेष सत्कार दिया जा रहा है. जमानत के लिए जब गए तो नेताओं की पूरी फौज ले गए. यह अदालत के ऊपर दबाव का प्रयास नहीं है तो क्या है?
उन्होंने आगे कहा, देश में एक माहौल बनाया जा रहा है. शहर-शहर में ट्रेनें रोकी गईं, आमजन को परेशानी हुई क्या ये गांधीवाद का सिद्धांत है? एक व्यक्ति विशेष के लिए ऐसा क्यों हो रहा है?
सिंधिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि किसी को संसदीय सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया है, लेकिन अयोग्यता को लेकर अभी जो हो-हल्ला मचाया जा रहा है वह 'अद्वितीय' है. यह शर्मनाक है. वे लोकतंत्र के मंदिर संसद को बाधित कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी देश की न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जिस तरह से वह अपील करने गया, उसने परिवहन को रोक दिया. जिससे जनता को असुविधा हुई और क्या नहीं. क्या यह गांधीवादी सिद्धांत है जिसके बारे में वे बात करते हैं? इतना हंगामा क्यों? इस एक व्यक्ति के लिए यह विशेष व्यवहार क्यों?
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी के लिए कुछ लोग ‘फर्स्ट क्लास सिटीजन’ हैं और हम-आप ‘थर्ड क्लास सिटीजन’ हैं. जिस कांग्रेस पार्टी ने पिछड़े वर्ग को कलंकित और अपमानित करने का काम किया है, सैनिकों की पिटाई हुई जैसा वक्तव्य दिया है. ऐसी कांग्रेस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं बची है.
उन्होंने कहा कि इनकी केवल एक विचारधारा बची है और वो है- देशद्रोही की विचारधारा. देश के विरुद्ध काम करने की विचारधारा. राहुल गांधी की ओर से सबसे चौंकाने वाली बात यह रही है कि 'मैं गांधी हूं और गांधी माफी नहीं मांगते'. यह सब कुछ बता देता है. यह बेहद शर्मनाक है.