पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार दोपहर (16 मार्च) को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। जब उनसे लंदन में संसद को लेकर उनके बयान के विषय में पूछा गया, तो इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि अगर उन्हें सदन में बोलने का मौका दिया जाए तो वह अपने विचार रखेंगे, कि वे क्या सोचते हैं।
भाजपा उनसे लंदन में सदन में दिए बयान के लिए माफी मांगने को कह रही है। इस पर राहुल का कहना था, कि अगर उन्हें सदन में बोलने का मौका दिया जाता है तो वह अपने लंदन दौरे पर अपने विचार सबके सामने जरूर रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को लेकर उन्होंने कुछ भी गलत नहीं बोला है। राहुल गांधी ने ये भी कहा कि अगर संसद के भीतर नहीं बोलने दिया गया तो वे बाहर ही अपनी राय रखेंगे।
हाल ही में लंदन में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने येआरोप लगाया था, कि भारतीय लोकतंत्र के ढ़ाचे पर बर्बर हमला हो रहा है। उन्होंने अफसोस जताया था, कि अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के लोकतांत्रिक हिस्से इस पर ध्यान देने में नाकाम रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की। राहुल गांधी ने स्पीकर से कहा कि मुझ पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। मुझे अपने पक्ष का रखने का अधिकार है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा, मैं कुर्सी पर नहीं रहूंगा लेकिन सदन चलने पर आपको मौका मिलेगा।
मामला इन दिनों और संवेदनशील हो गया है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद सत्र चल रहा है जहां राहुल की पार्टी अडानी मुद्दे पर भाजपा को घेर रही है, ऐसे में लंदन में उनका बयान अडानी के लिए जीवन रेखा साबित हुआ है। ऐसे में सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की जाने लगी है।
राहुल गांधी के माफी मांगने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उनके (राहुल) माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। सरकार अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "यहां लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है, बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी को कमजोर किया जा रहा है, टीवी चैनलों पर दबाव डाला जा रहा है और सच बोलने वालों को जेल हो रही है, अगर यह लोकतंत्र को खत्म करने की प्रक्रिया है तो क्या है?" ? इसलिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।