जिस 'मोहब्बत की दुकान वाले नारे' ने कर्नाटक में कांग्रेस को बड़ी जीत दिलवाई, अब उसी प्रयोग के लिये कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका जा रहे हैं। वे 30 मई को अमेरिका के सांटाक्लारा में 'मोहब्बत की दुकान' खोलने वाले हैं। इसमें भारी जमावड़े की उम्मीद लगी है। राहुल इस बार पूरे दस दिन के लिये अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं। उनकी पिछली ब्रिटेन यात्रा से भारत में जो विवाद तथा राजनीतिक घटनाक्रम पैदा हुये थे उसे देखते हुये इस बार भी कयासबाजियां शुरू हो गई हैं। जाहिर है कि भाजपा की इस यात्रा पर गहरी नजरें भी होंगी। राहुल 28 मई को अमेरिका के लिए रवाना होंगे तथा तथा कई कार्यक्रमों में उनकी शिरकत तय हो गई है।
दरअसल सांटाक्लारा वार्ले राहुल के कार्यक्रम का एक पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल है। पोस्टर में राहुल की तस्वीर के साथ मोहब्बत की दुकान खोलने की बात कही गई है। लिखा गया है कि धर्मनिरपेक्ष और लोकत्रांतिक भारत को मजबूत करने के लिए सभी साथ आएं। इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कई दिन पहले से शुरू कर दिया गया है और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। राहुल गांधी 29-30 मई को प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात करेंगे। वहां पर उनका संबोधन भी हो सकता है। जहां तक मोहब्बत की दुकान वाले नारे की बात है तो राहुल ने इसका जिक्र भारत जोड़ो यात्रा में पहली बार किया था। उन्होंने कर्नाटक से संदेश दिया था कि वे यहां नफरत की दुकान बंद कर मोहब्बद की दुकान खोलने आए हैं। जब कर्नाटक में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिल गया, तब भी सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए राहुल ने इसी नारे का जिक्र किया था। लिहाजा यह नारा ही कांग्रेस की एक बड़ी रणनीति बन गया है, इसे नफरत पर अच्छाई की जीत की तरह पेश किया जा रहा है।
लोकतंत्र का मजाक बनाया
मार्च महीने में जब राहुल ब्रिटेन दौरे पर थे तब वह दौरा विवादों में आ गया था। भाजपा का आरोप था कि राहुल ने विदेशी धरती पर भारत का ही अपमान किया, लोकतंत्र का मजाक बनाया। उल्लेखनीय है कि उन्होंने ब्रिटेन के एक कार्यक्रम में दावा कर दिया था कि सदन में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता, उनका माइक बंद कर दिया जाता है। इसे लेकर उन्होंने एक मजाक भी उस कार्यक्रम में कर दिया था जिस पर भाजपा ने कांग्रेस को काफी घेरा तथा सदन में ही राहुल गांधी से माफी मांगने तक के लिए कहा गया, हालांकि राहुल को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया है यानि वे पूर्व सासंद हैं।