राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच की चल रही तना-तनी अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है। सचिन पायलट के अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन से यह तय हो गया है कि वे चुनाव से पहले बड़ा कदम उठाने को तैयार हैं। साथ ही अनशन स्थल पर लगे पोस्टर्स से यह भी संकेत मिल रहा है कि सचिन ने अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी दूरी बना ली है।
वसुंधरा राजे की सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सचिन पायलट 11 अप्रैल को जयपुर के शहीद स्मारक पर एक दिवसीय अनशन पर हैं। कांग्रेस ने उनके अनशन को पार्टी विरोधी गतिविधि करार दिया है। पार्टी के कड़े संदेश के बावजूद सचिन पायलट सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सचिन अनशन कर रहे हैं।
वहीं अनशन स्थल पर लगे पोस्टरराजस्थान की सियासत का बड़ा सन्देश देते नज़र आ रहे हैं। यहां लगे पोस्टरों में राहुल-सोनिया से लेकर किसी भी कांग्रेसी नेता के फोटो नहीं है। पोस्टर में केवल महात्मा गांधी की फोटो नज़र आ रही है।
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जयपुर में आज सचिन पायलट के अनशन को कई नेताओं का समर्थन मिल रहा है। वहीं अजमेर के मसुदा विधायक राकेश पारीक के बेटे अवधेश पारीक ने भी सोशल मीडिया पर लोगों से जयपुर जाकर पायलट के अनशन का समर्थन करने की अपील की है। बता दें कि राकेश पारीक पायलट गुट के विधायक माने जाते हैं।
कांग्रेस नेता अनिल चोपड़ा ने इस अनशन को लेकर कहा है कि हम प्रभारी को बताना चाहते हैं कि यह अनुशासनहीनता नहीं है। उन्हें खुद भी इस अनशन में शामिल होना चाहिए। सचिन पायलट, पिछली सरकार के भ्रष्टाचार की जांच को लेकर ये अनशन कर रहे हैं। राजस्थान के युवा सचिन पायलट के साथ हैं, यह पायलट की जायज मांग है।