वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक का मंगलवार को निधन हो गया। डॉ. वेद प्रताप वैदिक दिल्ली स्थित उनके निवास पर बाथरुम में फिसलने के बाद चोटिल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें पास ही के एक हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉ. वेद प्रताप वैदिक को हिंदी के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले, हिंदी के लिए आंदोलन करने और अंग्रेजी के मठों और गढ़ों में उसे उसका सम्मान दिलाने वाले अग्रणी पत्रकार के रूप में जाना जाता है। लेखन और अनुभव व्यापकता के चलते वे हिंदी पत्रकारिता के पर्याय बन गए थे।
डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने मध्यप्रदेश की संस्कारधानी ‘नई दुनिया’ इंदौर से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर दिल्ली में ‘नवभारत टाइम्स’ से लेकर ‘भाषा’ के संपादक तक का बेमिसाल सफर तय किया।
जब कन्नड़ भाषी एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने थे तो उन्हें भी हिंदी सिखाने की जिम्मेदारी डॉक्टर वैदिक ने निभाई थी। डॉक्टर वैदिक ने हिंदी को साहित्य, समाज और हिंदी पट्टी की राजनीति की भाषा से निकाल कर राजनय और कूटनीति की भाषा भी बनाई।