टाइटन पनडुब्बी की मदद से गहरे समुद्र में साहसिक मिशन पर निकले सभी पांच यात्रियों की मौत हो गई है। सभी यात्री टाइटैनिक का मलबा देखने जा रहे थे, लेकिन पानी में घुसने के कुछ देर बाद ही पनडुब्बी में विस्फोट हो गया, जिससे सभी की मौत हो गई।
ओसियनगेट नाम की कंपनी की यह पनडुब्बी रविवार को लापता हो गई थी। पानी में दो घंटे से भी कम समय में उसका अपने जहाज से संपर्क टूट गया। इसके बाद अमेरिका ने उसे ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया। पनडुब्बी का मलबा गुरुवार को मिला था और अब ओसियनगेट ने पुष्टि की है कि पनडुब्बी में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिकी तट रक्षक ने बताया कि पनडुब्बी का मलबा टाइटैनिक के नीचे से 1,600 फीट की दूरी पर पाया गया था। बचावकर्मियों ने बताया कि पनडुब्बी में भयानक विस्फोट हुआ है। टाइटन पर कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें दो पाकिस्तानी पिता-पुत्र, ओशनगेट के सीईओ और पनडुब्बी पायलट स्टॉकटन रश, ब्रिटिश अरबपति व्यवसायी हरमिश हार्डिंग, फ्रांसीसी खोजकर्ता पॉल हेनरी नार्गलेट शामिल थे।
ये सभी लोग 14 अप्रैल 1912 को अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखने जा रहे थे। टाइटैनिक का मलबा समुद्र तल से 12,500 फीट नीचे है, जो कई लोगों के लिए दिलचस्पी का विषय है। टाइटैनिक जहाज़ की दुर्घटना को अब तक की सबसे बड़ी समुद्री आपदा माना जाता है। 14 अप्रैल, 1912 की आधी रात में एक विशाल हिमखंड से टकराने के बाद यह विशालकाय जहाज दो हिस्सों में बंट गया और कुछ ही घंटों में उत्तरी अटलांटिक महासागर में डूब गया।