श्रीनगर में तिरंगा फहराए जाने के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समापन सोमवार को हो गया। इस बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया पर तिरंगे के साथ 'रंग दे बसंती चोला' गीत गाते हुए वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो पर फिल्मकार अशोक पंडित ने ऐसा कमेंट कर दिया जिस पर उन्हें खरी खोटी भी सुननी पड़ रही है।
कश्मीर घाटी से जुड़े फिल्मकार अशोक पंडित ने कन्हैया कुमार के वीडियो केा लेकर लिखा कि “ भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह “ के नारे लगाने वाला आज तिरंगा हाथ में लेकर “ मेरा रंग दे बसंती चोला “ गा रहा है
इसी को परिवर्तन कहते हैं !
अशोक पंडित ने इसी के साथ हैशटैग मोदी है तो मुमकिन है का भी इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स को अशोक पंडित का यह कमेंट नागवार गुजरा। यूजर्स का कहना था कि ये साबित क्यों नहीं किया जाता कि कन्हैया ने यह नारा लगाया है और अगर वाकई में ऐसा नारा लगा तो दिल्ली पुलिस कोर्ट में सबूत क्यों नहीं दे रही है और अगर सबूत है तो ये बाहर कैसे है.....?????
जानिए कैसे कैसे आये कमेंट
-क्या अंकिल कहां ह्वाटसप 'विषद्याल' में लगे हो, कुछ विवेक अग्निहोत्री से सीखिए। वह भी आपकी ही तरह इसी तरह ट्रोल बने घूमते थे, फिर उन्हे आईडिया आया, कश्मीर फाइल्स फिल्म बना डाली, दर्द को नफ़रत में डुबोकर बेचा और खाक पति से सीधा अरबपति बन गए और आईटी सेल के ट्रोल ही रहे।
-अशोक तुम बेवकूफ की तरह झूठ क्यों बोलते हो साबित क्यों नही करते भारत की किसी कोर्ट में की ये नारा उसने लगाया है। बिना दिल दिमाग के जिंदा हो तो कुछ भी बोलने का कुकर्म करोगे ।
-अगर वाकई में ऐसा नारा लगा तो दिल्ली पुलिस कोर्ट में सबूत क्यों नहीं दे रही है और अगर सबूत है तो ये बाहर कैसे है.....????? कही अमित शाह तो नही बचा रहे हैं इसे....????
-अगर इसने ये कहा था तो आपके जीजाजी अमित शाह और मोदीजी क्या कर रहे हैं इसको जेल में क्यों नहीं डाला।
वहीं कुछ यूजर्स ने अशोक पंडित का समर्थन करते भी नज़र आये और लिखा कि बुजुर्गों ने कहा था बदलाव के लिए फ़रिश्ते जैसे योद्धा की ज़रूरत है…….और फिर आदरणीय मोदी जी ने एक योद्धा के रूप में देश को सम्भाला।
गौरतलब है कि 2016 में कथित तौर पर जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के बाद कन्हैया कुमार सुर्खियों में आए थे। साल 2016 में जेएनयू से एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में एक कार्यक्रम के दौरान कई छात्र देश विरोधी नारे लगाते दिख रहे थे। हालाँकि इसमें कन्हैया कुमार के होने को लेकर कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। अभी भी यह केस कोर्ट में है।