पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है, बीते 24 घंटे में एक बार फिर हिंसा सुलग उठी है। राज्यभर में अलग- अलग घटनाएं हुई हैं इनमें कहीं गोलीबारी हुई, कहीं टायर जलाए गए हैं तो कहीं सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा है। 

बताया जाता है कि एक उग्रवादी भी मारा गया है, लेकिन अभी तक शव नहीं निकाला जा सका है। क्योंकि घटनास्थल पर रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। उल्लेखनीय है कि कल से कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मणिपुर में हैं। मणिपुर में 3 मई को पहली बार हिंसा हुई थी, जातीय संघर्ष के बाद से राज्य भर में अब तक करीब 50 हजार लोग उसौ से ज्यादा राहत शिविरों में रह रहे हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्री शाह भी राज्य में दौरा कर चुके हैं और हिंसा पीड़ितों से लेकर अलग-अलग समुदाय के लोगों की समस्याएं सुन चुके हैं। राहुल गांधी ने भी राहत शिविरों में लोगों से मुलाकात की है। उन्होंने चुराचांदपुर में रिलीफ कैंप में पीड़ितों का दर्द सुना है।