राहुल गांधी गुरुवार दोपहर मणिपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उनके काफिले को इंफाल से 20 किमी दूर विष्णुपुर के पास पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद वह इंफाल लौट आए। राहुल चूराचांदपुर राहत शिविर में पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने कहा कि रास्ते में हिंसा का खतरा है इसलिए काफिला रोक दिया गया।

अब ये कहा जा रहा है, कि राहुल गांधी हेलीकॉप्टर से चूराचांदपुर जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विष्णुपुर जिले में राजमार्ग पर टायर जलाए गए और काफिले पर कुछ पत्थर भी फेंके गए। हमें डर है कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसलिए एहतियात के तौर पर काफिला विष्णुपुर में रोक दिया गया है। यहां से वे हेलीकॉप्टर से चूराचांदपुर जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पुलिस ने कहा कि वे हमें अनुमति देने की स्थिति में नहीं हैं। राहुल के स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर लोग खड़े हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने हमें क्यों रोका।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप रहना चुन सकते हैं, लेकिन वह मणिपुर के सभी वर्गों की आवाज सुनने के राहुल गांधी के प्रयासों को क्यों रोक रहे हैं।

राहुल का मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा करने और नागरिक समाज के नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है। वह 30 जून तक मणिपुर में रहेंगे। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने कहा कि राहुल का वरिष्ठ नागरिकों और अन्य नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है।

मणिपुर में कुकी और मीतेई समुदायों के बीच तीन मई से हिंसा जारी है। हिंसा में अब तक 131 लोग अपनी जान गंबा चुके हैं। वहीं 419 लोग घायल हुए हैं। 65,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़कर भाग गए हैं। आग लगने की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। छह हजार मामले दर्ज किये गये हैं और 144 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

हिंसा को देखते हुए राज्य में इंटरनेट बैन 30 जून तक बढ़ा दिया गया है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 आईपीएस तैनात किये गये हैं।