ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा शुक्रवार को चल रहे पहलवानों के विरोध के समर्थन में आए, और कहा कि वह न्याय की मांग करते हुए एथलीटों को सड़कों पर देखकर 'आहत' हुए हैं।

टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, "हमारे एथलीटों को न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर देखकर मुझे दुख होता है। उन्होंने हमारे महान देश का प्रतिनिधित्व करने और हमें गौरवान्वित करने के लिए कड़ी मेहनत की है।"

उन्होंने कहा, "एक राष्ट्र के रूप में, हम प्रत्येक व्यक्ति, एथलीट की अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।"

उन्होंने कहा, "जो हो रहा है वह कभी नहीं होना चाहिए। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इससे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।"

गौरतलब है कि विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगट ने कहा कि उन्हें यह देखकर पीड़ा हुई कि टॉप क्रिकेटर्स-अन्य खिलाड़ियों में सत्ता के ख़िलाफ़ खड़ा होने का साहस नहीं है। विनेश ने टॉप क्रिकेटर्स-अन्य खिलाड़ियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आप सब इतना डरे हुए हो?

सुप्रीम कोर्ट में भी आज देश के शीर्ष पहलवानों की याचिका पर सुनवाई होगी। पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन के चीफ और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न को लेकर केस दर्ज नहीं किए जाने की शिकायत की थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर दिल्ली पुलिस और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। याचिका में 7 महिला महिला पहलवानों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ हुए सेक्सुअल हैरेसमेंट मामले में केस दर्ज नहीं किया जा रहा है।