Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना में 13 जुलाई के दिन बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, कल बहुत ही दुखद घटना घटी है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है.
बीजेपी महामंत्री विजय कुमार सिंह की हत्या-
बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने बताया कि बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर प्रदेश के शिक्षक अभ्यर्थियों और किसानों के हक में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शांति मार्च निकाला गया. नीतीश सरकार ने नेताओं-कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज करवाया. जिसमें जहानाबाद जिले के बीजेपी महामंत्री विजय कुमार सिंह की हत्या कर दी. बीजेपी ने बिहार के किसानों, शिक्षकों, मजदूरों और महिलाओं के हक के लिए बड़ी आहूति दी है.
देंखे लाइव-
नीतीश सरकार की तुलना अंग्रेजों से करते हुए नित्यानंद राय बोले, कल बिहार में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर ऐसा लाठी चार्ज किया जैसा कि स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अंग्रेजों ने किया था. बिहार में जंगल राज-3 का आगमन हुआ है. बिहार में कल जो बर्बरता पूर्ण लाठी चार्ज किया गया, वह आजाद भारत में निरंकुशता और तानाशाह का एक बड़ा गवाह बनेगा.
अंग्रेजों की तरह विरोधियों को कुचलने की साजिश- राय
नित्यानंद राय ने आगे कहा, बिहार सरकार के कुशासन और गलत कामों से लोग गुस्से में हैं. कल पटना की सड़कों पर लोगों का गुस्सा देखने को मिला. लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है. लेकिन, पटना में जो हुआ वह बेहद निंदनीय है. शिक्षकों पर लाठी चार्ज, छात्रों पर लाठी चार्ज, महिलाओं पर लाठी चार्ज यह दशार्ता है कि बिहार की नीतीश कुमार और तेजस्वी सरकार अंग्रेजों की तरह अपने विरोधियों को कुचलने की साजिश कर रही है.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नित्यानंद राय बोले, जब कांग्रेस लोकतंत्र की हत्या कर रही थी और लोकतंत्र को बचाने के लिए लोग संघर्ष कर रहे थे, तब सरकार ने जिस प्रकार से बर्बरता पूर्ण लाठियां चलवाई थीं, उसी प्रकार से कल बिहार में जनता के हक में आवाज उठाने पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठियां चलाई गईं.
उन्होंने आगे कहा, बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं पर आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों की तरह लाठियां बरसाई गईं. दरअसल, बिहार में जंगलराज-3 आ गया है. बिहार में हुआ बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज आज़ाद भारत में क्रूर निरंकुशता और तानाशाही के रूप में याद किया जाएगा.