भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों के निराकरण में फिसड्डी रहने वाले एक कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस क्योटी नहर संभाग जल संसाधन रीवा के कार्यपालन यंत्री मनोज तिवारी को जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मनोज तिवारी को कलेक्टर रीवा द्वारा बार बार निर्देशित करने के बाद भी सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
प्रत्येक टाईम लिमिट बैठक में समीक्षा करने के बाद भी फरवरी माह रैकिंग सम्पूर्ण मप्र में 52 में से 46 वें नम्बर में थी तथा विभाग को डी ग्रेड प्राप्त हुआ। शिकायतों के निराकरण न होने पर विभाग की रैंक से जिले की रैंक भी प्रभावित होती है।
रीवा जिले के अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के लिए शिविर लगाये जा रहे हैं, मध्यावधि समीक्षा बैठक की जा रही है तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अनुभाग का प्रभारी बना कर विकेन्द्रीकृत रूप से शिकायतों के निराकरण का प्रयास किया जा रहा है, किन्तु इस प्रयास के बाद भी जल संसाधन विभाग रीवा की रैंकिंग यह सिद्ध करती है कि परिणाम क्षमताओं के अनुरूप नहीं है।
नोटिस में आगे कहा गया है कि तिवारी द्वारा शासन एवं वरिष्ठ कार्यालयों द्वारा सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित निराकरण के संबंध में दिये गये निर्देशों की अवहेलना की जा रही है तथा उनके द्वारा अपने शासकीय दायित्वों का सम्यक निर्वहन नहीं किया जा रहा है।
उनके उपरोक्त कृत्य के कारण शासकीय कार्य बाधित हो रहे हैं। यह स्थिति शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं अनिष्ठा को प्रदर्शित करती है। उनका उक्त कृत्य मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसलिये 15 दिन में अपना बचाव उत्तर प्रस्तुत करें। निर्धारित समयावधि में बचाव उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में माना जायेगा कि स्वयं के बचाव में कुछ नहीं कहना है तथा उनके विरूद्ध एक पक्षीय अनुशासनिक कार्यवाही की बाध्यता रहेगी।