भोपाल: भारत की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मप्र की जेलों में बंद ऐसे कैदी जो अच्छे चाल चलन वाले हैं, रिहा किये जायेंगे। इन्हें तीन चरणों में 15 अगस्त, 2022 (स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ), 26 जनवरी, 2023 (गणतन्त्र दिवस) और पुन: 15 अगस्त, 2023 को रिहा किया जायेगा। इसके लिये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मप्र सरकार को निर्देश जारी किये हैं जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरन्त अमल प्रारंभ करवा दिया है।
अमित शाह ने अपने निर्देश में कहा है कि भारत सरकार द्वारा आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव को कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के रूप में मनाने का निर्णय किया है। समारोह के हिस्से के रूप में, कैदियों की कुछ श्रेणियों को विशेष माफी दी जायेगी। माफी योजना का उद्देश्य कैदियों में जेल अनुशासन और सदाचरण सुनिश्चित करना तथा प्रोत्साहन के रूप में जेल से जल्दी रिहाई की संभावना का अवसर प्रदान करना है। इससे उन्हें अपराध के जीवन को छोडऩे और देश के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
ये कैदी छूट सकेंगे :
50 वर्ष से अधिक आयु की वे महिला सिद्धदोष अपराधी जिन्होंने अपनी कुल सजा अवधि की 50 प्रतिशत अवधि पूरी कर ली है। 50 वर्ष से अधिक आयु के वे ट्रांसजेंडर सिद्धदोष अपराधी जिन्होंने अपनी कुल सजा की अवधि की 50 प्रतिशत अवधि पूरी कर ली है। 60 वर्ष से अधिक आयु के वे पुरुष सिद्धदोष अपराधी जिन्होंने अपनी कुल सजा अवधि की 50 प्रतिशत अवधि पूरी कर ली है। 70 प्रतिशत और उससे अधिक दिव्यांगता वाले शारीरिक रूप से अक्षम/विकलांग वे सिद्धदोष अपराधी जिन्होंने अपनी कुल सजा अवधि की 50 प्रतिशत अवधि पूरी कर ली है।
गंभीर रूप से बीमार सिद्धदोष अपराधी ऐसे सिद्धदोष कैदी जिन्होंने अपनी कुल सजा अवधि की दो-तिहाई (66 प्रतिशत) अवधि पूरी कर ली है। निर्धन कैदी, जिन्होंने अपनी कारावास की अवधि पूरी कर ली है किन्तु आरोपित जुर्माने की राशि के भुगतान में असमर्थ होने के कारण उन्हें कारागार से रिहा नहीं किया गया है। ऐसे युवा अपराधी जिन्होंने 18-21 वर्ष की आयु में अपराध किया था और फिर कोई अपराध नहीं किया है और जिन्होंने अपनी कुल सजा अवधि की 50 प्रतिशत अवधि पूरी कर ली है।
ये कैदी नहीं छूट सकेंगे :
अमित शाह ने अपने निर्देश में कहा है कि गंभीर और जघन्य अपराधों की कुछ श्रेणियों के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति विशेष छूट के पात्र नहीं होंगे। इनमें शामिल हैं : मृत्यदंड की सजा के साथ दोषी ठहराए गया सिद्धदोषी अथवा जहां मृत्युदंड का आजावन कारावास में बदल दिया गया है या किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्तियों जिसके लिए निर्धारित दंडों में से मृत्युदंड की सजा भी विनिर्दिष्ट है।
आजीवन कारावास की सजा के साथ दोषी ठहराए गए सिद्धदोष व्यक्तियों, आतंकवादी कार्यों में संलिप्त सिद्धदोष अपराधियों या आतंकवादी और विघटनकारी कैदी, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप वाले कैदी, विस्फोटक पदार्थ व एनएसए वाले कैदी, शासकीय गुप्त बात उजागर करने वाले कैदी, दहेज हत्या, जाली मुद्रा नोट के कैदी, बलात्कार, मानव तस्करी और यौन अपराध (पाक्सो), अनैतिक व्यापार वाले कैदी, विदेशी विनिमय प्रबंधन, काला धन और कर अधिनियम, 2015 के तहत सिद्धदोष कैदी, नशीले पदार्थ के कैदी, व्यापक नरसंहार के हथियार और इनकी आपूर्ति प्रणाली के कैदी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कैदी, राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए कैदी। विदेशी नागरिक सिद्धदोष अपराधियों को विदेश मंत्रालय की सहमति से ही रिहा किया जाएगा।