भोपाल. मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव अब और अधिक दिलचस्प हो गए हैं. नगर सरकार के इन चुनावों में अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी चुनाव लड़ेगी. ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन AIMIM— प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में निकायों का चुनाव लड़ेगी। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने खुद इसका ऐलान किया है। ओवैसी के एमपी निकाय चुनावों में कूदने से अब मुकाबला और कड़ा होने के आसार हैं।
इस घोषणा को असदुद्दीन ओवैसी की एमपी में एंट्री के तौर पर भी देखा जा रहा है। ओवैसी ने यह ऐलान किया है कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानि AIMIM निकाय चुनावों में 7 प्रमुख शहरों में अपने कैंडिडेट उतारेगी. इन शहरों में राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम और खंडवा नगर पालिका शामिल है।
ओवैसी ने जिन शहरों में अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रत्याशी उतारने की बात कही है, उनमें मुसलमानों की संख्या आनुपातिक रूप से ज्यादा है। इन 7 शहरों यानि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम,खंडवा, जबलपुर में मुसलमान वोटर्स खासी तादात में हैं। यही कारण है कि ओवैसी ने अपनी पार्टी के लिए इन शहरों को ही चुना है।
ओवैसी के आने के बाद मध्यप्रदेश में ध्रुवीकरण और तेज होगा. एक और रोचक तथ्य यह भी है कि AIMIM ने जिन 7 शहरों में चुनाव लड़ने की घोषणा की है उनमें से 5 मालवा—निमाड़ अंचल में हैं। भोपाल और जबलपुर को छोडकर शेष सभी शहर यानि इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम और खंडवा मालवा—निमाड़ इलाके में ही आते हैं. खरगोन में दो माह पूर्व दंगे हुए थे. दंगों के बाद हो रहे इन चुनावों में जबर्दस्त ध्रुवीकरण की बात कही जा रही थी. अब ओवैसी के आने के बाद यह ध्रुवीकरण और तेज होने की संभावना है. राजनैतिक विश्लेषक बताते हैं कि ऐसे में कांग्रेस को इन निकायों में कुछ नुकसान हो सकता है।