मध्यप्रदेश में आनेवाला मानसून रास्ते में अटक गया है. पाकिस्तान की हवाओं के कारण यह दिक्कत हुई है.पाकिस्तान से लगातार आ रही हवाओं के कारण मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर मानसून अटक गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अरब सागर से तो आगे बढ़ रहा है, लेकिन हवाओं के कारण महाराष्ट्र से सटे मध्यप्रदेश के इलाकों में आगे नहीं बढ़ पा रहा। मानसून बड़वानी के पहले आकर रुक गया है। ऐसे में यह बड़वानी और इंदौर की जगह अब जबलपुर के रास्ते प्रदेश में पहले एंट्री कर सकता है। इसी के प्रभाव से मंगलवार शाम से जबलपुर में हल्की बारिश भी शुरू हो गई।

बंगाल की खाड़ी में मानसून की गतिविधियों के तेज होने के कारण यह बारिश हो रही है। दो दिन तक जबलपुर और उससे सटे इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी, जबकि मालवा-निमाड़ में अभी दो दिन बारिश के आसार नहीं हैं। भोपाल में भी मानसून 18 तक पहुंच सकता है।

मानसून के अटकने का कारण पाकिस्तान 
वैज्ञानिकों ने बताया कि अरब सागर में मानसून एक्टिव है। वह आगे बढ़ रहा है, लेकिन पाकिस्तान से लगातार हवाएं आने के कारण मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर यह अटक गया है। बुधवार से पाकिस्तान से हवाओं का एक और दौर मध्यप्रदेश में आ जाएगा। अभी एक सिस्टम पहले से एक्टिव है। ऐसे में अरब सागर से आ रहा मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा।

बंगाल की खाड़ी में अब तक मानसून की गतिविधियां धीमी थीं, लेकिन मंगलवार से इसने रफ्तार पकड़ ली है। अब यह आगे बढ़ने लगा है जिसके कारण जबलपुर और उससे लगे इलाकों जैसे छिंदवाड़ा और सतना में मंगलवार को हल्की बारिश हुई। एक ट्रफ लाइन भी बन रही है जिससे अगले दो दिन में यहां तेज बारिश हो सकती है।

भोपाल में मानसून की एंट्री अब 18 तक हो सकती है। इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में दो दिन बाद बारिश के आसार बन रहे हैं।