कलेक्टरों को राज्य निर्वाचन आयोग ने दिए दिशा-निर्देश..!

भोपाल। पंचायत चुनाव में सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी से आंशिक राहत मिली है। कुछ अधिकारी कर्मचारी निर्वाचन के काम से मुक्त रखे जाएंगे। ऐसे अधिकारी या कर्मचारी को मतदान दल में नहीं रखा जाएगा, जो छह माह के भीतर सेवानिवृत्त होने जा रहे हों। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी निर्णय के अनुसार चुनाव के लिए हरेक मतदान केंद्र पर चार मतदान अधिकारी नियुक्त होंगे। किसकी कहां ड्यूटी इस बार यह सॉफ्टवेयर के माध्यम से तय किया जाएगा। इसी से मतदान दल का गठन भी होगा।

प्रत्येक विकासखंड में इस बार 10 प्रतिशत अधिक मतदान दल गठित करने को कहा गया है- राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मध्यप्रदेश में पहले चरण का मतदान 25 जून को होना है। जिला और जनपद पंचायत के सदस्य का चुनाव इस बार मतपत्र से कराया जा रहा है। इस बीच कलेक्टरों को राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान दल के गठन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर विकासखंड में 10 प्रतिशत अधिक मतदान दल गठित करने को कहा गया है। किसी अप्रिय स्थिति के बनने पर ऐसे में तत्काल अन्य कर्मचारी को पहुंचाया जा सकेगा।

राज्य के सवा चार लाख अधिकारी-कर्मचारी संपन्न कराएंगे पंचायत चुनाव -इस बार के पंचायत चुनाव राज्य के सवा चार लाख अधिकारी-कर्मचारी संपन्न कराएंगे। हर मतदान दल में एक पीठासीन और तीन से चार मतदान अधिकारी रखे जाएंगे। एक मतदान अधिकारी मतदाता सूची और अमिट स्याही का प्रभारी होगा तथा एक अन्य मतदान अधिकारी पंच एवं सरपंच के मतपत्र का प्रभारी रहेगा। एक अन्य मतदान अधिकारी जनपद और जिला पंचायत के मतपत्र और एक मतपेटी का प्रभारी भी रहेगा।